Vaginal Cancer in Hindi

Vaginal Cancer in Hindi : योनी कैंसर क्या है?इसके लक्षण, कारण और इलाज

योनी कैंसर की जानकारी: Vaginal Cancer information

  • यह एक विशेष प्रकार का कैन्सर है, जो कि काफ़ी दुर्लभ माना जाता है। सामान्यतः, या साठ साल से ज़्यादा उम्र की औरतों में ज़्यादा कॉमन है।
  • अगर आप एक वाइरस, जिसका नाम होता है HPV (ह्यूमन पल्मो वाइरस), उससे इंफ़ेक्टेड होते हो, तो आपको यह कैन्सर होने के चैन्सेज़ बढ़ जाते हैं। 
  • यह तब भी होने की ज़्यादा सम्भावना बढ़ जाती है, जब किसी की माता ने प्रेग्नन्सी के दौरान DES यानी की डाईइथाइलस्टिलबेस्‍ट्रो, को सेवन किया है।
  • वैसे 1950 के वक़्त में, डॉक्टर मरीजों को, अबॉर्शन से बचाने के लिए डाईइथाइलस्टिलबेस्‍ट्रो की खुराक देते थे।
  • माना जाता है की अगर आपकी वजाइना या योनि या ग्रीवा में अजीबोग़रीब सेल्ज़ बनने लगते है, तो आपको यह कैन्सर होने का रिस्क बढ़ता है।
  • सबसे ख़तरनाक बात यह है कि इस बीमारी के शुरू होने के लक्षण नहीं पता चलते।

पर फिर भी अगर आपको यह निम्नलिखित लक्षण दिखते हैं, तो अपने चिकित्सक को ज़रूर दिखाएँ:Vaginal Cancer in Hindi

  • ऐसा ख़ून, जो कि मासिक धर्म से नहीं हों।
  • वजाइना में लम्प या गाँठ
  • पेल्विक दर्द 

PAP टेस्ट के ज़रिए ऐसी ख़तरनाक सेल्ज़ के बारे में जाना जा सकता है, जो कि कैन्सर हो सकते हैं। वैसे यह माना जाता है, कि योनिक कैन्सर का शुरुआती स्टेप्स में ही इलाज जो सकता है।

इसके इलाज के लिए मुख्यतः सर्जरी,

यह सारी सूचना हमें मिलती है ‘राष्ट्रीय कैन्सर संस्थान’ के ज़रिए।

  • आइए हम इस लेख में जानते हैं कि इस बीमारी के कारण और लक्षण क्या-क्या हैं।

योनी कैंसर के लक्षण: Symptoms of Vaginal Cancer in Hindi

यह कैन्सर एक जानलेवा बीमारी है, जो की किसी भी महिला रोगी के जननांग में पनपने वाला कैन्सर होता है। यह महिला रोगी के वजाइना के सेल्ज़ में होता है।

इसके विशेषकर यह निम्नलिखित लक्षण होते हैं:

  • वजाइना या योनी से अस्थायी खून का बहाव:

मासिक धर्म के दौरान या सम्भोग के ठीक बाद, योनि से ख़ून का बहाव होना भी एक लक्षण है। इसके अलावा मेनोपॉज़ होने के बाद भी रक्त का बहाव यदि नहीं रुके, तो यह एक बड़ा लक्षण है। इस बीमारी के लक्षण बहुत क्लीयर नहीं होते, क्योंकि इन लक्षणों को किसी और रोग के लक्षण समझकर, लोग भ्रमित हो जाते हैं।

  • योनि स्त्राव 

इसे मेडिकल भाषा में ‘वैजाइनल डिस्चार्ज’ भी कहते हैं। इस बहाव का एक संदिग्ध गंध का होना और शुद्ध होना एक बड़ा कक्षण है। कई महिलाएँ योनि के रक्त्स्त्राव से परेशान ज़रूर रहती हैं, पर इसपर ध्यान नहीं देती हैं। वैसे यही लक्षण और भी यौन सम्बंधी बीमारियों के भी होते हैं। लोगों को इन्हें ग़लत समझना या ग़लत उपचार लेना आम बात है। पर देखा जाए तो लक्षण काफ़ी समान होते हैं, और यदि ये समस्या काफ़ी समय तक रहती है, तो अपने नज़दीकी चिकित्सक को ज़रूर सूचित करें।

  • पेशाब आने में बदलाव:

यदि किसी महिला को आम पेशाब की मात्रा से ज़्यादा हो रहा है, तो समझना चाहिए कि कुछ गड़बड़ है। इसके साथ इस बीमारी में, पेशाब करते वक़्त, योनि में दर्द भी होता है। इससे पहले की यह रोग और फैले, अच्छा होता है, की महिला अपने नज़दीकी चिकित्सक को सूचित करें। 

  • आंत में दिक्कत:

काफ़ी बार, इस बीमारी के होने पर, मरीज़ों के आंत में परेशानी या दर्द भी होता है। इन परेशनियों में कई आम तौर की आंत समस्याएँ जैसे क़ब्ज़ भी शामिल हैं। इसके अलावा काले रंग का माल होना भी एक लक्षण हो सकता है। इन सब लक्षणों के दिखते हाई यह समझ जाना चाहिए की कैन्सर फैल तहा है।

  • पेड़ू में दर्द यानी की पेल्विक का दर्द:

यदि ऐसा कोई दर्द होता है, तो हमें यह समझ जाना चाहिए कि कैन्सर पेल्विक की हड्डी के हिस्से में पनप रहा है, और कैन्सर के सेल, योनि में घुस रहे हैं। ऐसी स्थिति में मरीज़ के पावों में और आंत में एक गम्भीर दर्द होता है।

  • योनि में भारी पान महसूस होना:

कुछ महिलाएँ जो की इस रोग के मरीज़ होते हैं, वह अपनी योनि में भारीपन को महसूस करती हैं। इसका तभी पता चलता है, जब चिकित्सक इसका परीक्षण करते हैं। ग़ौर करने की बात यह है, की  इस तरह का जो भारीपन है, वो एक सिस्ट होने से हो सकता है। चिकित्सक के उस परीक्षण के बाद ही हमें यह बात साफ़ हो जाती है, की यह कैन्सर तो नहीं।

वैसे आमतौर पर, यह सारे लक्षण होते तो यौन कैन्सर के ही होते हैं, मगर यह किसी और यौन सम्बंधी बीमारी या इन्फ़ेक्शन के भी हो सकते हैं। आपको यह बात तभी साफ़ होगी, जब आप अपने चिकित्सक से ढंग का परीक्षण करवाएँगे। वह आपको सही परामर्श भी देंगे, कि अब आपको इस बीमारी को लेकर कैसे आगे बढ़ना है।

योनि कैंसर के मुख्य कारण: The main causes of vaginal cancer in Hindi

नीचे दिए गए कारणों  से योनि कैन्सर होने के चान्स बढ़ जाते हैं:

  • उम्र में वृद्धि 
  • एक कारण जिसका जाम होता है ‘योनि इंटरेपेटीयलियल नेपलाशिया’। इसमें जीवित रहने की जगह में ट्यूमर बढ़ता है।
  • जब भी कोई डायथाइलस्टिलबेस्ट्रोल (DES) के टच में आता है।
  • जब काफ़ी सारे लोगों से यौन सम्बंध रखा जाए, तब।
  • जब काम उम्र में पहला सम्भोग हो जाए।
  • धूम्रपान.
  • एचआईवी संक्रमण

योनि कैंसर के विश्वभर के मामलों की सूचना: Vaginal cancer cases reported worldwide in Hindi

  • सामान्य उम्र: 

विश्वभर में अगर इस बीमारी के रोगियों की संख्या को देखा जाए, तो सब पचास से ऊपर की उम्र की होती हैं, पर इस बीमारी की कोई तय उम्र नहीं होती है। बल्कि यह कैन्सर बच्चों में भी देखा गया है।

  • सामान्य लिंग:

आमतौर पर, योनि कैन्सर महिलाओं में ही होता है।

  • योनि कैंसर के इलाज के लिए लैब्रॉटॉरी परीक्षा:

जब भी योनि कैन्सर के बारे में जानना होता है, तो निम्नलिखित टेस्ट और प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है:

  • पैल्विक की परीक्षा परीक्षा: इस परीक्षा से योनि कैंसर के सेल्ज़ को अलग किया जाता है।
  • पैप परीक्षा: इस परीक्षा से भी योनि कैंसर के सेल्ज़ को अलग किया जाता है।
  • कोल्पोस्कोपि (Colposcopy): किसी भी असाधारण क़िस्म के सेल्ज़ को देखने के लिए, योनि के तल को बढ़ना।
  • योनि टिशू बायोप्सी: कैन्सर के सेल्ज़ को टेस्ट करने के लिए।

योनि कैंसर के इलाज की प्रक्रियाएँ : Treatment Procedures in Hindi

इस बीमारी के लिए निम्नलिखित प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है:

  • सर्जरी: इस प्रक्रिया का इस्तेमाल छोटे-छोटे ट्यूमर या चोटों के इलाज के लिया जाता है। इसे योनि और पेल्विक हिस्सों को भी ठीक करने के लिया किया जाता है।
  • रेडीएशन चिकित्सा: कैंसर के सेल्ज़ को नष्ट करने के लिए।
  • केमोथेरेपी: कैंसर के सेल्ज़ को नष्ट करने के लिए।

योनि कैंसर के लिए ख़ुद की तबियत की सावधानी: Self-health precautions

नीचे दिए ‘स्वयं देख़बाल’ की सावधानियों या जीवन शैलियों में बदलाव से इस बीमारी का इलाज होने में मदद मिलता है:

  • सही तरीक़े से पेल्विक परीक्षण और पैप परीक्षण से गुजरना: यह परीक्षा योनि कैंसर का जल्दी जानने में सहायता होती है।
  • धूम्रपान छोड़ दें: इस बीमारी के रिस्क को काम करने में काफ़ी मदद होती है।

नोट: यदि कोई भी शंका हो, तो आपको अपने नज़दीकी ‘ओनकोलोजिस्ट’ को दिखाना है।

कैंसर के बारे में कुछ और महत्वपूर्ण जानकारिया


मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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