Tulsi in hindi

Tulsi in hindi : तुलसी(Basil) क्या है? इसके फायदे और नुकसान

तुलसी क्या है ?What is tulsi in hindi

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तुलसी का पौधा बहुत ही गुणकारी होता हे ! तुलसी (tulsi in hindi) को क्वीन ऑफ़ हर्ब्स भी कहा जाता है ! क्योकि यह एक ऐसी ओषधी होती है जो बहुत सी बीमारियों में काम आती है !इसके इन्ही औषधीय गुंणो के कारण इसे आयुर्वेद में एक विशेष महत्व दिया गया है ! तुलसी बहुत ही सस्ती जड़ी बूटी होती है जो लाभों से भरी हुई होती है ! तुलसी मनुष्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। इनमे से कुछ लाभ है जैसे बीमारियों से लड़ना ,इम्युनिटी सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली ) को मजबूत बनाना , बैक्टीरिया और वायरल संक्रमणों से लड़ना ,त्वचा संबंदी रोगो के उपचार में,सर्दी ,खांसी ,दांत  की समस्या में ,अगर सास लेने से संबंदित कोई रोग हो आदि ! नियमित रूप से तुलसी का उपयोग किए जाने पर स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होती है !

भारतीय संस्कृति की अगर बात की जाए तो न केवल तुलसी हिंदू धर्म में एक पूजनीय, पवित्र पौधा है; यह आयुर्वेद के प्राचीन विज्ञान में भी अपना स्थान पाता है। तुलसी को बहुत ही पूजनीय माना जाता है भारत में अधिकतर घरो में तुलसी के पौधे मिलते हे तथा इसकी पूजा की जाती है !

तुलसी के दो प्रकार पाय जाते है 

१ हरे रंग वाली लक्ष्मी तुलसी 

२ बेगानी रंग वाली कृष्णा तुलसी

जब आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की बात आती है तो तुलसी अत्यधिक महत्व रखती है। इसके तेल का उपयोग बीमारियों के इलाज करने के लिए किया जाता है। बैद्यनाथ में क्लिनिकल ऑपरेशंस एंड कोऑर्डिनेशन मैनेजर डॉ। आशुतोष गौतम के अनुसार, “तुलसी में पाए जाने वाले आवश्यक तेल हमारे श्वसन तंत्र पर प्रभावी रूप से काम करते हैं”। तुलसी के अंदर एंटीऑक्सिडेंट गुण पाया जाता है  जो की स्ट्रेस और डायबिटीज , उच्च रक्तचाप और इसी तरह की बहुत सी  बीमारियों को कम करने में हमारी सहयता करता है।  तुलसी के अंदर लिनोलिक एसिड गुण पाया जाता है  यह आपके फेस के लिए बहुत ही लाभकारी होती है डॉक्टर गौतम के अनुसार तुलसी के पत्तो में तेल पाया जाता है जो की वाष्पशील और स्थिर होता है जो की हमें एलर्जी और संक्रमण से लड़ने में सहायता प्रदान करता है। तुलसी के पेस्ट को तथा उसके पाउडर को बहुत पहले से हर्बल और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स को बनाने वाली कम्पनिया प्रोडक्ट के शुद्धिकरण, डिटॉक्सिफाइंग और क्लींजिंग विशेषताओं के कारण इस्तेमाल कर रही है अन्य जड़ी बूटियों और नीम, गिलोय और हल्दी, तुलसी के पेस्ट के साथ जोड़ा जाता है और मुंहासों और फुंसियों पर लगाया जाता है, तो बार-बार मुहासे आने की संभावना कम हो जाती है !

तुलसी के पौधे को इन निम्न प्रकारो के नाम से भी जाना जाता है 

१- काली तुलसी

२- मरुआ तुलसी

३-राम तुलसी

४-वन तुलसी 

५-अरण्य तुलसी

६- कर्पूर तुलसी

७- श्वेत/विष्णु तुलसी

८-नींबू तुलसी 

तुलसी के लाभ -Benefits of tulsi in hindi

1.चिकित्सा में लाभकारी (Healing Power-हीलिंग पावर) : 

 तुलसी के पौधे में कई औषधीय गुण होते हैं। इसकी पत्तियां पेट को मजबूत करती हैं और सांस की बीमारियों को दूर करने में मदद करती हैं।

2.पथरी में  लाभदायक (Kidney stone-किडनी स्टोन): 

तुलसी किडनी के लिए बहुत ही लाभकारी होती है  पथरी के मामले में, नियमित रूप से 6 महीने तक तुलसी (Tulsi in hindi)के पत्तों के रस और शहद का मिश्रण लेने से पथरी को मूत्र मार्ग से बाहर निकालने में मदद मिलती है।

3.सिरदर्द: (Headaches)

 तुलसी सिर दर्द के लिए एक बहुत ही अच्छी दवा है।तुलसी साइनसाइटिस, एलर्जी, ठंड या यहां तक ​​कि माइग्रेन के कारण होने वाले सिरदर्द से राहत दिलाने में मदद करती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें दर्द निवारक और डिकॉन्गेस्टेंट(decongestant ) गुण हैं, जो दर्द को दूर करने में मदद करता हैं और स्थिति के मूल कारण को हल करता  हैं। यदि आपको सिरदर्द हो रहा है , तो आप एक कटोरी पानी के अंदर तुलसी के पत्तो को या उसके अर्क को डालकर उबाल ले और पानी को ठंडा कर ले  जब तक यह कमरे के तापमान पर या सामान्य गुनगुना न रह जाए।  अब एक छोटा तौलिया इस पानी में भिगोए और उसको निचोड़ कर , अपने माथे पर रख ले इससे आपको सिरदर्द में आराम मिलेगा। वैकल्पिक रूप से आप सादे गर्म पानी में एक तौलिया डुबो सकते हैं और तत्काल राहत के लिए तौलिया में तुलसी(Tulsi in hindi) के अर्क की कुछ बूँदें डाल सकते हैं।

4.पाचन में सहायक: (Aids in digestion)

अगर आप तुलसी का इस्तेमाल करते है तो यह भूख बढ़ाने का काम भी करती है और पाचन एंजाइमों के स्राव में मदद करके, पाचन को बढ़ावा देती है।

5.मधुमेह के इलाज के लिए(diabetes-डायबिटीज): 

तुलसी की जड़ के चूर्ण को रात भर पानी में रखें और सुबह-सुबह सेवन करें। पौधे के औषधीय गुण शरीर में इंसुलिन के स्तर को बनाए रखने में मदद करते है और यह मधुमेह(डायबिटीज) के लिए एक प्राकृतिक इलाज है।

6.तनाव(Stress-स्ट्रेस)

तुलसी के पत्तों को एंटी-स्ट्रेस एजेंट माना जाता है। हाल के अध्ययनों से पता चला है कि तुलसी की पत्तियां तनाव को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करती हैं। यहां तक ​​कि एक हेअल्थी मनुष्य तनाव को कम करने के लिए , तुलसी (Tulsi in hindi)की 12 पत्तियों का सेवन दिन में दो बार कर सकता है । यह रक्त का शुद्विकरण करने में मदद करती है |

7.स्वस्थ दिल के लिए लाभदायक(Promotes Healthy Heart-प्रोमोटर्स हैल्थी हार्ट ) :

तुलसी में युगेनॉल जैसे विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो हृदय को मुक्त कणों(free radicals) के हानिकारक प्रभावों से बचाते है। यूजेनॉल रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी उपयोगी साबित होते है।

8. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लाभदायक तुलसी:(Immunity System)

तुलसी के बीज में दो महत्वपूर्ण तत्व शामिल होते हे 

१.फ्लैवोनोइड्स

२.फेनोलिक

जो की हमारे इम्युनिटी सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को बढाते और सुधारते है ! आप तुलसी की चाय बनकार पि सकते है  या उसकी पत्तियों को चबाकर खा सकते है ! इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और आपका शरीर बहुत सी बीमारियों का सामना कर पाएगा !

9- सर्दी-जुकाम और खासी में लाभदायक तुलसी-(cold and cough)

बदलते मौसम की वजह से सर्दी और जुकाम आज कल एक आम समस्या बन गई है इससे कई लोगो को बहुत ही परेशानी का सामना करना पढ़ जाता है तुलसी के अंदर एंटीस्पास्मोडिक गुण पाया जाता है अगर आप इस गुण वाली तुलसी का सर्दी-जुकाम और खासी में सेवन करेंगे तो आपको बहुत फायदा मिलेगा ,साथ ही साथ इसके सेवन से आपको बुखार में भी राहत मिलेगी !

10. पिंपल्स (मुहासों)को खत्म करने में लाभदायक : (pimple)

युवाओं में पिंपल्स  एक आम समस्या बन गया है और अगर उन्हें पिंपल्स हो गया तो वह इसमें जल्द से जल्द राहत पाना चाहते है और उसके लिए बहुत से उपाए करने लगते है !अगर आप भी पिंपल्स से परेशांन हे तो ये निम्न उपाय कर सकते है !

१. तुलसी के पत्तो का पाउडर ,संतरो के छिलके का पाउडर ,गुलाब जल ले अब इन तिन्नो को अच्छे से मिक्स करके एक पेस्ट तैयार कर ले और उसको चेहरे पर लगाकर १५ मिनट के लिए छोड़ दीजिये और उसके बाद इसको साफ पानी से धो लीजिये !

२.तुलसी के पत्तो का रस ,चन्दन पाउडर ले और अब इन दोनों को मिक्स करके उसका अच्छे से पेस्ट बनाकर फेस पर लगा लीजिये और कुछ देर बाद धो लीजिये !

11.कैंसर से बचाव में लाभदायक तुलसी (Cancer)

कैंसर एक बहुत ही खतरनाक रोग होता है ,लेकिन आज कल इसका इलाज संभव है ! कैंसर का इलाज आयुर्वेद में भी पाया जाता है ! तुलसी कैंसर से बचाव में मदद करती है क्योकि इसके अंदर यूजेनॉल कंपाउंड पाय जाते है ! जोकि कैंसर से लड़ने में मदद करते है और उससे हमारा बचाव करते है कई रिसर्च में ये भी पाया गया है की जो लोग तुलसी का सेवन नियमित रूप से करते है उन्हें कैंसर होने की सम्भावना कम होती है

12.त्वचा और बालों के लिए लाभदायक तुलसी :(Face and hair)

तुलसी दाग(ब्लेमिशेस) और मुँहासे के निसान को त्वचा से साफ करने में मदद करती है। यह एंटीऑक्सिडेंट में समृद्ध है, और यह समय से पहले उम्र बढ़ने के निसानो को ,त्वचा पर रोकने में मदद करती है। तुलसी हमारी बालों की जड़ों को भी मजबूत करती है, इस प्रकार बालों के झड़ने को रोकती है।तुलसी के एंटीफंगल गुण कवक और रूसी के विकास को रोकते हैं।

13.तुलसी कीट नाशक के रूप में लाभदायक (Insect Repellent)

तुलसी एक कीट नाशक के रूप में कार्य करती है सदियों से, सूखे तुलसी के पत्तों को कीटों से पीछा छूटाने के लिए संग्रहीत अनाज के साथ मिलाया जाता है।

14.गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों में उपयोगी:(Gastrointestinal Disorders)

तुलसी के पत्ते अपच और भूख की कमी को ठीक करने में मदद करते हैं। उनका उपयोग कब्ज और सूजन के इलाज के लिए भी किया जाता है।

15.बुखार में लाभदायक तुलसी :(Fever)

तुलसी के अंदर कीटाणुनाशक, कवकनाशी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-बायोटिक विशेषताएं पाई जाती है जो बुखार को कम कर देती है तुलसी किसी भी बुखार को ठीक करने में सक्षम होती है जो बुखार मलेरिया के कारण होने वाले संक्रमणों से होते है। आयुर्वेद में बुखार का इलाज अगर देखा जाए तो उसमे हमें एक उपाय मिलता है वह यह हे की हमें अगर बुखार है तो हमें तुलसी के पत्तो के काढ़े का सेवन करना चाहिए। 

तुलसी का सेवन कैसे करें?:How to Consume Tulsi

  • तुलसी के पत्तों को कच्चा, पौधे से तोड़कर ताजा-ताजा सेवन करें, इसे अपनी चाय में डालें या इसका काढ़ा बनाकर पिए। 
  • तुलसी की चाय: तुलसी की चाय बनाने के लिए, 1 कप पानी को उबालें और इसमें 1 चम्मच ताजा तुलसी के पत्ते, 1/2 चम्मच सूखे तुलसी के पत्ते या 1/3 चम्मच तुलसी पाउडर डालें। एक बर्तन या मग में पानी को कवर करें और इसे 15-20 मिनट के लिए पकने दें। फिर चाय को छान ले , यदि आपको मीठी चाय पीना हो तो शहद डालें और चाय का आनंद लें।
  • सेवन के लिए तुलसी पाउडर और तुलसी के सप्लीमेंट भी मार्किट में पाए जाते है 

तुलसी के सेवन के साइड इफेक्ट्स जो आपको जरूर जानना चाहिए:Side Effects of tulsi in hindi

  • तुलसी उन महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है जो प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रही हैं।
  • जब लोग पहली बार तुलसी की चाय पीते है तो उन्हें दस्त या उलटी जैसा लगता है इसलिए हमेशा हमें तुलसी की चाय पिने की शुरुवात थोड़ी – थोड़ी मात्रा में करना चाहिए।और समय के साथ इसके सेवन को बढ़ाना चाहिए 
  • तुलसी ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) को कम कर सकती है और इसका उपयोग उन लोगों को सावधानी के साथ करना चाहिए जिन्हें मधुमेह/डायबिटीज है या जो लोग ब्लड शुगर को कम करने वाली दवा का सेवन कर रहे है।
  • तुलसी को हमेशा कम मात्रा में खाना चाहिए क्योकि इसके अतयधिक सेवन करने से आपके पेट में जलन होने की सम्भावना बढ़ जाती है क्योकि यह बहुत ही गर्म होती है 
  • तुलसी के अंदर अदरक मिलाकर उसकी चाय का अत्यधिक  मात्रा में सेवन करने से आपको एसिडिटी के समस्या का सामना करना पड सकता है 
  • यदि आप प्रेग्ननेंट है या आप अपने बच्चे को स्तनपान करवा रही हे और तुलसी का सेवन कर रही है तो एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले |

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मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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