Ovarian Cancer in hindi

Ovarian Cancer in hindi:ओवेरियन कैंसर क्या होता है उसके लक्षण, कारण,इलाज

ओवेरियन कैंसर क्या है?What is Ovarian Cancer in Hindi

इंसान में कई प्रकार के कैन्सर होते हैं। पर एक ध्यान देनी वाली बात ये है की ब्रेस्ट कैन्सर के बाद,
महिलाओं में सबसे आम कैन्सर में से एक है- डिम्बग्रंथि या ओवेरीयन कैन्सर-Ovarian Cancer in hindi

  • इस बीमारी का ज़्यादा फैलने का एक मुख्य कारण है की यह एक उम्र के बाद ही अपने लक्षण दिखाता है। इसके लक्षण इतनी आसानी से पकड़ में भी नहीं आते।
  • ब्रेकथ्रू कैन्सर अनुसंधान केंद्र के अनुसार, आइरलैंड नामक देश में महिलाओं को होने वाले कैन्सर के प्रकारों में, ओवेरीयन कैन्सर चौथे नम्बर पर आता है।
  • भारत की एक वैज्ञानिक पत्रिका, जिसका नाम है ‘इंडीयन जर्नल ओफ़ कैन्सर’ में प्रकाशित एक शोध में यह कहा गया है ओवेरीयन कैन्सर भारत में महिलाओं में होने वाला तीसरा अहम प्रकार है।
  • एक अध्ययन में यह भी पाया गया है कि इस कैन्सर में सिर्फ़ पचास फ़ीसद महिलाएँ हाई बच पाती हैं। वह इसलिए भी क्योंकि इस बीमारी का डर से पता चलता है।
  • ‘दि टाइम्ज़ ओफ़ इंडिया’ के अनुसार अधिकतर महिलाओं को इस बीमारी का पता अडवैन्स स्टेज (थर्ड या फ़ॉर्थ) में चलता है। ज़ाहिर सी बात है की तब तक काफ़ी देर हो चुकी होती है।

ओवेरीयन कैन्सर के लक्षण: Symptoms

ओवेरीयन कैन्सर इसलिए भी ज़्यादा ख़तरनाक हैं क्योंकि इसके अधिकतर लक्षण आख़िरी स्टेज तक पहुँचने पर ही पता चलते हैं।

  • इसी कारण से ओवेरीयन कैन्सर के लक्षण दिखते है और भी चौकन्ना और ध्यानपूर्वक रहने की आवश्यकता है।
  • यह बात तो तो है की ओवेरीयन कैन्सर के लक्षणों को देखने या पहचानने में देर लग जाती है, पर इसका उपचार असम्भव नहीं है।

सबसे बड़ी और अच्छी बात है की इसके लक्षणों के पहचान के लिए हाल हाई में एक अभियान भी शुरू हुआ है। यह महिलाओं को इस पूरे मुद्दे के प्रति और जागरुक बना रहा है। इस अभियान का नाम है BEAT, जिससे ओवेरीयन कैन्सर को इन चंद तरीक़ों से शीघ्र ही पहचान जा सकता है:

  • पैल्विस या कमर में दर्द
  • शरीर के निचले हिस्से में दर्द
  • पेट और पीठ में दर्द
  • अपच
  • कम खाकर ही पेट भरा होने की फीलिंग
  • बार-बार यूरिन आना।   
  • यौन क्रिया के दौरान दर्द
  • मल त्याग की आदतों में बदलाव।
आइए बात करते हैं इन लक्षणों में से कुछ ख़ास लक्षणों की:
ब्लोटिंग

जब पेट फूलने लगता है तो उसे ब्लोटिंग कहते हैं।पेट फूलने की स्थित को ब्लोटिंग कहा जाता है। कई बार सही खान-पान और लाइफस्टाइल के बाद भी पेट फूल जाता है। लेकिन अगर पेट हमेशा ही फूला रहे और नॉर्मल न हो तो फिर आपको सतर्क होने की जरूरत है क्योंकि यह ओवेरियन कैंसर होने का एक संकेत हो सकता है।

कम खाने पर भी पेट जल्दी भरना

ऐसा काफ़ी बार होता है कि हम सिर्फ़ थोड़ा सा खाते हैं, और हमें ऐसा लगता है कि हम काफ़ी कुछ खा चुके हैं। इस अनुभूति में ऐसा भी होता है कि थोड़ा सा खाकर हमें बहुत ज़्यादा खाने की भाव हम में आजाता है।

  • ऐसे वक़्त आपको एक ऐसा भ्रम भी होने लगता है कि या तो पेट में गैस बनने की वह से या फिर मौसम बदलने की वजह से, ऐसा हो रहा है। मगर यहाँ आपको सावधान रहना चाहिए। ये लक्षण ओवेरीयन कैन्सर की शुरुआत भी हो सकते हैं।
  • तो अगली बार आपको थोड़ा खाकर ही लगे की आपने काफ़ी कुछ खा लिया है,तो अपने चिकित्सक से ज़रूर बात करें।
लगातार पेट में दर्द

आप इस बात को बिलकुल भी नज़रंदाज़ न करें यदि आपको लगातार पेट में दर्द होता है।

आप तुरंत ही किसी चिकित्सक को दिखाएँ। और ये बात बिलकुल भी आवश्यक न हो की पेट में दर्द किसी संक्रमण की वजह से हो। ऐसी स्थिति में ये हमेशा अच्छा होगा कि आप एक चिकित्सक की सलाह लें।

टॉइलट की दिक्कत:

काफ़ी बार टॉइलट जाते वक़्त दिक्कतों को UTI से जोड़ दिया जाता और वहाँ कहानी ख़त्म को ख़त्म कर दिया जाता है। ऐसा करते ही एक अलग बीमारी की दवाई शुरू हो जाती है, जो उस दिक्कत को बिलकुल भी ठीक नहीं करती है। यह लक्षण ओवेरीयन कैन्सर का हो सकता है। अगर टॉइलट जाते वक्त ब्लैडर में दर्द की अनुभूति होती है या प्रेशर का अहसास हो और काफ़ी बार टॉइलट जाना पड़ रहा हो, तो यह ओवेरियन कैंसर की तरफ़ इशारा भेजता है।

ओवेरियन कैंसर होने के कारण: Reason Of Ovarian Cancer in Hindi

ओवेरियन कैंसर जेनेटिक भी हो सकता है। यदि आपके परिवार में किसी कोयह पहले हो चुका है, तो आपको होने की सम्भावना बढ़ जाती है। तो अपने लक्षणों पर ध्यान दें और उनके आते ही अपने चिकित्सक से परामर्श लें।

उम्र

ओवेरीयन कैन्सर किसी भी उम्र में हो सकता है। इसकी होने की कोई उम्र, सही या ग़लत नहीं होती है। पर जिन महिलाओं को मेनोपौस हो चुका है, उन्हें इस चीज के होने का डर सबसे ज़्यादा होता है। मेनोपौस के बाद की एक थेरपी, जिससे इस बीमारी का इलाज होता है, उससे शरीर के लिए जोखिम और बढ़ सकता है।

मोटापा

कंसेर के इस प्रकार की एक वजह मोटापा भी होता है। हमेशा मोटी महिलाएँ ओवेरीयन कैन्सर की वजह से अपने जान बनवा बैठती हैं।मोटी औरतें इस डरावनी बीमारी की चपेट में आकर सबसे अधिक मौत का शिकार होती है।

ओवेरियन कैंसर के टेस्ट- Diagnosis Of Ovarian Cancer in Hindi

  • यदि किसी महिला को इस बीमारी के साफ़ और स्पष्ट लक्षण ना दिखें, तो डरावनी बात यह है की इसका कोई सरल और विश्वसनीय तरीक़ा या टेस्ट नहीं होता है। ये चीज़ें महिलाओं के लिए मुश्किलें बढ़ाती है।
  • वैसे अगर महिला नियमित रूप से स्त्री-रोग विशेषज्ञ के पास जाती रहे तो ओवेरीयन कैन्सर से बचने के दो तरीक़े हैं:
  1. पहला ब्लड टेस्ट के द्वारा
  2. दूसरा ओवरी का अल्ट्रासाउंड द्वारा

ओवेरियन कैंसर का इलाज: Treatment Of Ovarian Cancer in Hindi

  • ओवेरीयन कैन्सर के इलाज में दी गयी दवा को सही उपचार माना जाता है क्योंकि ये एक सही तरीक़े का पालन करती है, जिससे कि शरीर में पैदा होते कैन्सर की कोशिकाओं को ख़त्म किया जाता उन्हें या तो मौखिक लिया जा सकता है या फिर चलते ख़ून में इंजेक्ट किया जा सकता है।
  • ओवेरीयन कैन्सर के इलाज में अलग-अलग प्रकार की दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमे शामिल हैं:
  1. ओवेरीयन कैन्सर के लिए कीमोथेरपी
  2. ओवेरीयन कैन्सर के लिए हॉर्मोन थेरपी
  3. ओवेरीयन कैन्सर के लिए लक्षित या टारगेटेड थेरपी

ओवेरीयन कैन्सर के इलाज के बारे में सूचना :Information about treatment of ovarian cancer

  • एक वैज्ञानिक पत्रिका, जिसका नाम ‘नेचर कम्यूनिकेशंज़’ है, उसमें प्रकाशित एक शोध में यह बात कही गयी है कि विश्वभर के वैज्ञानिकों ने एक सेल्युलर पैथ्वे खोज लिया है, जिसको इंसान पहले नहीं जानता था।
  • यह सेल्युलर पैथ्वे ओवेरीयन कैन्सर के बढ़ने से जुड़े, एक म्यूटंट प्रोटीन को सिलेक्टेड तरीक़े से रोकता है।
  • वैज्ञानिकों ने इसी पैथ्वे के बहुत ज़रूरी रेग्युलेटर या नियामक की पहचान भी की है। उनका मानना है कि इस रेग्युलेटर को दिमाग़ में रखकर अगर कैन्सर की दवाइयाँ बनाई जाएँ, तो भविस्या में फैलने वाले हर प्रकार के कैन्सर का इलाज सम्भव हो जाएगा।

कैंसर के बारे में कुछ और महत्वपूर्ण जानकारिया

मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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