ORS in Hindi

ORS in Hindi:ओआरएस के घोल के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

ओआरएस की  फुल फॉर्म: “ओरल रिहाइड्रेशन सोल्यूशन” (Ors in Hindi)

जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो ओआरएस इलेक्ट्रोलाइट को सामान्य स्तर पर लाता है। शरीर मे पानी की कमी होने की वजह से  इलेक्ट्रोलाइट का स्तर बिगड़ जाता है।  ओआरएस का घोल शरीर मे सोडियम या पोटेशियम की मात्रा को बनाए रखने का काम करता है, इस से आंतों को अधिक  अब्सॉर्बेड करने में मदद करता है। ओआरएस आपको किसी भी मेडिकल स्टोर में आसानी से उपलब्ध हो जाएगा। और चाहे तो आप इसे घर पर भी बना सकते है। आइए अब आपको इसकी जानकारी देते है इसका इस्तेमाल किया जाता है इसके लक्षण क्या है।

ओआरएस क्या होता  है?(What is Ors in Hindi?)

शरीर में जब पानी की कमी हो जाती है तो ओआरएस दिया जाता है। रोगी के सेहत  कैसी है इसी के आधार पर आप ओआरएस का घोल दिया जाता है।आप चाहे तो ओआरएस को अपने घर मे भी बना सकते है। जो ओआरएस घर मे बनाया जाता है वो मार्किट के ओआरएस के चलते धीरे काम करता है ।अगर आपके शिशु या बच्चें के शरीर मे पानी की कमी ज्यादा हो रही है और दस्त हो रहे है तो आपको मार्किट के ओआरएस के घोल को ही खरीदना चाहिए डॉक्टर का भी यही मानना होता है।

ओआरएस के क्या क्या  लाभ होते है?(What are the benefits of Ors in Hindi?)

आइए अब हम आपको  ओआरएस के क्या लाभ होते है। उसके बारे में बताने जा रहे है जो कि इस प्रकार है ।

  • जिन लोगो को डिहाइड्रेशन होती है उन के लिए ओआरएस का घोल लाभकरी  होता है:  आप घर पर रह कर नमक, चीनी और पानी से ओआरएस के घोल को  तैयार कर सकते  है। बहुत से लोगो को  ज्यादा पसीना निकलता है जिसके कारण उनके शरीर मे ग्लूकोज और नमक की कमी हो जाती है, इन लोगो के शरीर मे ग्लूकोज और नमक की फिर से पूर्ति करने के लिए ओआरएस के घोल(Ors in Hindi) का इस्तेमाल किया जाता है।इलेक्ट्रोलाइट की कमी को दूर करने के लिए भी ओआरएस के घोल को लिया जा सकता है।
  • जिनको दस्त होता है उनके  इलाज के लिए मददगार होता है: जिन घरों में शिशु और बच्चे होते है, उन घरों में ओआरएस हमेशा  होना चाहिए।शिशु और बच्चों में दस्त होने की संभावना बहुत ज्यादा  रहती है। आप निश्चित मात्रा में ओआरएस के पाउडर को लेकर  उसको पानी मे मिला लें। इसके बाद आप बच्चे  को थोड़े-थोड़े समय के अंदर ओआरएस के घोल को पिलाते रहे।दस्त में ओआरएस के घोल को प्राथमिक और महत्वपूर्ण दवाओं में से एक माना जाता है।जिन बीमारियों में शरीर में पानी व मिनरल्स के स्तर को बनाए रखने की आवश्यकता होती है,उनमें इसका उपयोग किया जाता है। 
  • एथलिट्स और ट्रेनर के लिए जरूरी:  जो लोग जिम जाते है तो उनको जिम ट्रेनर भी ओआरएस के घोल लेने की बोलते है, और वह बोतल में लेकर जाते है  इसको पीने से आप जिम और प्रैक्टिस के दौरान एक्टिव महसूस करते है।

ओआरएस घोल का इस्तेमाल कैसे किया जाता है(How is ORS solution used?) 

जब आपके बच्चों और शिशुओं के शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो आपको उन्हें अलग अलग मात्रा में ओआरएस घोल को देने की जरूरत होती है।

  1. शिशु और बच्चे को ओआरएस को कब देना चाहिए: अगर आपके बच्चे को तीन दिन से ज्यादा बार दस्त हो रहे है तो आपको तब उन्हें ओआरएस का घोल(Ors in Hindi) देना चाहिए।
  2. शिशु और बच्चे के लिए ओआरएस को कहाँ से खरीदे:ओआरएस आपको किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाएगा और आप चाहे तो इसको घर पर भी बना सकते है।
  3. ओआरएस घोल को कैसे तैयार करें सकते है: वैसे तो मार्किट से ओआरएस घोल को बनाने का तरीका उसके पैकेट पर लिखा ही होता है।लेकिन इसको तैयार करने के लिए आपको सबसे पहले एक जग लेना है फिर उस पाउडर को जग में डालना है फिर पैकेट में इंस्ट्रक्शन के हिसाब से आपको उतना पानी डालना है। अगर आप पानी को कम डालते है तो इस से दस्त गंभीर रूप से हो सकता है।
  4. शिशु और बच्चे को ओआरएस को कितनी मात्रा में देना चाहिए:शरीर में पानी की कमी होने पर दो साल से कम उम्र के बच्चे को दस्त के बाद एक चौथाई से लेकर आधे कप तक ओआरएस दिया जाना चाहिए, और जो बच्चे  दो साल से ऊपर की  आयु के है उन बच्चों को आधा कप से लेकर एक कप तक ओआरएस घोल देना चाहिए। 
  5. किन स्थितियों  में बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए:अगर आपके शिशु या बच्चे के शरीर में पानी की कमी होने पर ओआरएस पिलाने के बाद bhi आपको कुछ इस प्रकार के  लक्षण दिखाई देते है तो  तुरंत अपने बच्चे को डॉक्टर के पास लेकर जाएं-
  • बच्चे के सिर का कुछ भाग मुलायम होना
  • बच्चों का बार बार  मुँह सुख जाता है।
  • बच्चे की सांसे तेज़ होना
  • रोने पर बच्चे  की आँखों मे से पानी न आना।
  • अगर शिशु को  गहरे पिले रंग के दस्त होना।
  • बच्चे या शिशु को सर्दी जुखाम होना
  • बच्चों के हाथ पैर में धब्बे हो जाना।
  • बच्चा सामान्य से ज्यादा सुस्त दिखाई दें।

ओआरएस के घोल को घर पर  कैसे बनाया जाता है।(How ORS solution is made at home)

 बच्चे या शिशु  में दस्त होने के कारण   शरीर मे पानी की कमी हो जाती है। तो ओआरएस का घोल पानी की कमी को रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।ओआरएस को आप  घर में जो चीज होती है उस से तैयार कर सकते है अगर आपके  शिशु या बच्चे को पतले दस्त हो रहे है तो  ओआरएस देना बहुत अच्छा होता है।  सोडियम, पोटेशियम और स्टार्च व चीनी इन तीन चीजो से  शरीर को ग्लूकोज और एनर्जी  दोनों ही मिलती है-

ओआरएस  के घोल को घर पर आप  कैसे बना सकते है:

आइए अब हम आपको बताते है नमक और चीनी का घोल कैसे बनाते है। घर में एक लीटर ओआरएस घोल को कैसे तैयार किया जाता है । 

  • आधा छोटी चम्मच नमक 
  • 6 छोटी चम्मच चीनी 
  • एक लीटर पानी को उबालकर ठंडा कर लें
  • उसके बाद पानी मे नमक और चीनी को तब तक मिलना है जब तक कि वो पानी मे अच्छी तरह से मिल न जाएं।
घर में उपलब्ध कुछ चीजों से आप घर में ओआरएस का काम करता है।

आपको अब हम कुछ खाद्य सामग्री बताते है यह ओआरएस से प्रभावी होते है इस से बच्चे को हो रहे दस्त के दौरान दिया जा सकता है:

  • माँ का दूध पिलाना चाहिए।
  •  पतला दलिया खिला सकते है।
  • गाजर का सूप पिला सकते है।
  • चावलों का मांड

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