Mulethi in hindi

Mulethi in hindi:मुलेठी क्या है? इसके फायदे, उपयोग और नुकसान

मुलेठी के बारे में जानकारी:Information about Mulethi

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  • – यह हम सब जानते हैं कि भारत में  अपार औषधीय वनस्पति और पेड़-पौधे उगते हैं। हिमालय से लेकर दक्षिणी छोर तक, गोजरत से लेकर पूर्वोत्तर कांगलों तक, भारत सही मायनों में सोने की चिड़िया कहलाता है।
  • – कई औषधियाँ या तो हमारे आस-पास ही, या फिर दूर पहाड़ी इलाक़ों में काफ़ी हद तक  देखने को मिलता है। काफ़ी समय से इन पौधों का इस्तेमाल, घरेलू नुस्ख़ों की शैली में किया जा रहा है। यह सेहत के लिए अत्यंत लाभदायक होते हैं।
  • – इसी वनस्पति में से एक होता है, मुलेठी का पौधा होता है, जिसमें बहुत सारे लाभ होते हैं। इस पौधे में काफ़ी सारे स्वास्थ्य रूपी लाभ होते हैं।
  • आज, हम इस आर्डिकल में जानेंगे ,कि मुलेठी के लाभ और उपयोगों की बात करेंगे। हमसे जितना हो सके, हम मुलेठी के उतने लाभ आपको बताएँगे। मुलेठी सेहत को तंदूरस्त रखने के अलावा, हमें कयी शारीरिक दिक्कतों से छुटकारा पाने में भी हमारी सहायता करता है। पर यह बात ज़रूरी है, कि अगर गम्भीर बीमारी हो जाए, तो हम अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। तो आइए हम आज विस्तार से बात करते हैं मुलेठी पाउडर के फ़ायदों, मुलेठी के गुण और मुलेठी के दुष्प्रभावों की।-Mulethi in hindi

तो शुरुआत करते हैं इस बात से कि मुलेठी किसे कहते हैं:-Mulethi in hindi

मुलेठी क्या है?-What is Mulethi?-Mulethi in hindi

  • मुलेठी एक खाद्य पदार्थ होता है जो कि दिखने में एक लकड़ी की तरह ही होता है। यह खाद्य-पदार्थ मुलेठी के झदिनुमा पौधे का ही तना या ‘ट्रंक’ होता है। इसे पहले पेड़ से काटा जाता है, और फिर इसी प्रक्रिया में इसे सूखने छोड़ दिया जाता है। उसके बाद, इसे या तो चूर्ण के रूप में पीसा जाता है। इसको इस्तेमाल करने का दूसरा तरीक़ा होता है कि इसे पहले छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है, और फिर  इसका इस्तेमाल किया जाता है।
  • मुलेठी को अंग्रेज़ी नाम ‘लिकोरिस’ (Licorice) होता हैं। इसका वैज्ञानिक नाम ‘ग्लाइसीरज़ा ग्लबरा’(Glycyrrhiza Glabra) होता है। वैसे चबाने पर इसका ज़ायक़ा  मीठा होता है और कमाल की बात यह है कि आजकल के कई टूथ्पेस्ट में इसका उपयोग होता है।
  • मुलेठी के पौष्टिक तत्व:Mulethi in hindi
  • मुलेठी में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन तत्वों की सूची नीचे बने टेबल  में दी गयी है:
पौष्टिक तत्व मात्रा प्रति 100 ग्राम
जल 6.3g
ऊर्जा 375kcal
टोटल लिपिड 0.05g
कार्बोहाइड्रेट 93.55g
फाइबर , कुल डाइटरी 0.2g
शुगर 70g
मिनरल्स
कैल्शियम 3mg
आयरन 0.13mg
मैग्नीशियम 2mg
फास्फोरस 4mg
पोटैशियम 37mg
सोडियम 50mg
जिंक 0.05mg
कॉपर 0.028mg
सेलेनियम 1.1μg
विटामिन्स
थायमिन 0.004mg
राइबोफ्लेविन 0.011mg
नियासिन 0.008mg
विटामिन बी-6 0.004mg

मुलेठी के फ़ायदे: Mulethi Benefits – Mulethi in hindi

अच्छे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल में फायदेमंद :How Mulethi is helpful in Digestive Problem in Hindi
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइन को सेहतमंद रखने में मुलेठी के फ़ायदे को देखा जा सकता हैं। पर गैस्ट्रोइंटेस्टाइन होता क्या है? यह  शरीर के हाज़मे की क्रिया से जुड़ा हुआ इंसानी शरीर का एक मुख्य भाग होता है।
  • NCBI से रिलीज़ हुई रिपोर्ट के हिसाब से, यह बताया गया है कि  मुलेठी में शांति देने वाला एक शांतिदायक गुण पाया जाता है, जिसे अंग्रेज़ी में  ‘डिमल्सेंट’ भी कहते हैं, वो  मिलता  है।
  •   मुलेठी पेट में आयी हुयी अकड़न या मरोड़ जैसे गुण,  उसका सूज जाना और ज़्यादा जलने को ठीक या कम करने में सहायता करता है।
  • मुलेठी को लेने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की सेहत  के लिए, बहुत ज़्यादा फ़ायदेमंद  हो सकता है। मुलेठी का एक और फ़ायदा यह होता है, की यह पेट में सूजन को कम या ठीक  करने में मदद करता है। यह अल्सर या व्रण जैसी हालत से भी काफ़ी फ़ायदेमंद होता है। यह उन सभी अवस्थाओं से रोगी को दूर रखता है । इस वजह से, हम यह  कह सकते हैं, कि अच्छे गैस्ट्रोइंटेस्टाइन के काम करने के लिए मुलेठी लाभदायक है। मुलेठी का सेवन करना काफ़ी  आसान है। बस उसके आधे टीस्पून चूर्ण का सेवन, पानी के साथ एक गिलास में घोलकर पी लें। यह काफ़ी लाभदायक होता है।
कैन्सर के लिए भी एक फ़ायदेमंद इलाज:
  • मुलेठी का खाना, कैन्सर के ख़ौफ़, या जोखिम को कम करने के लिए भी खाया जा सकता है।मुलेठी इसलिए मददगार होता है क्यूँकि इसमें एक एंटी-कार्सिनोजेन योग्यता होती है।
  • इसी वजह से, यदि  मुलेठी को आहार में लिया जाए, तो उससे कैंसर फैल नहीं पाएगा। इसको खाने से कैन्सर , शरीर के DNA में होने वाली हानि तक भी नहीं पहुँच पाएगा।
  • कैंसर की वजह से डीएनए को होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सकता है।
  • एक और शोध, यह बात  समझती है कि  मुलेठी को  ठीक मात्रा में खाने से, प्रोस्टेट कैंसर के भी शरीर में फैलने से दूर रहता  है। आप यदि आप चाहते हैं कि आप इस मौक़े पर आजाएँ, तो मुलेठी को चबाइए, पानी में अच्छे से घोलकर। यहां आपको यह बात भी अच्छी तरह से बता दें, की यदि आपको कैन्सर है, तो कृपया करके सिर्फ घरेलू नुस्खे पर निर्भर न रहकर, किसी  चिकित्सक से चेकअप ज़रूर करवाएँ। और हो सके तो किसी कैन्सर विशेषज्ञ से भी परामर्श लें।
मधुमेह के उपचार में लाभदायक
  • मधुमेह के बचाव के लिए भी, मुलेठी काफ़ी अच्छी तरीक़े से सक्रिय हो जाता है।
  • मुलेठी के गुण मधुमेह के लिए मददगार है, यह बात NCBI ने अपने अध्यययनों में और अपने वेबसाइट पर पब्लिश भी की है। यह बात एक  पशु अध्ययन भी दर्शाता है।

उस अध्ययन के हिसाब से, जहाँ एक तरफ़, मुलेठी में एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व, तो दूसरी तरफ़, हाइपरग्लाइसेमिक योग्यता होते हैं।

इनहि सब योग्यताओं की वजह से, मुलेठी मधुमेह को अच्छी तरह से नियंत्रित कर देती है। वह इतने अच्छे तारीख़ें से नियंत्रित करती है कि अगर किसिको लक्षण है मधुमेह के, तो मुलेठी के सेवन के बाद वो कम दिखने लगते हैं। वही अध्ययन यह भी बताता है की मुलेठी, अपने को अपने अर्क के रूप में, लेने के बाद, मधुमेह का स्तर नियंत्रित रहता है। 

वजन घटाने में लाभदायक : Mulethi Benefits for Weight loss in Hindi
  • वज़न घटाना भी मुलेठी के इस्तेमाल से सम्भव है। इस संदर्भ में NCBI के वेब्सायट पर दो तरह की मेडिकल रीसर्च प्रकाशित की गयी हैं। यह दोनो रीसर्च पपेर्स कहते हैं, की या तो मुलेठी का एक चूर्ण, या मुलेठी के अर्क के उपयोग से, वज़न को एक हद तक काम किया जा सकता है।
  • आप आराम से मुलेठी के चूरन को लें और उसे पानी में मिलाकर उसका सेवन करें। अब भी वैसे इस विषय पर और शोध करना बाक़ी है। अब भी इस पर कुछ बिन्दु बाक़ी हैं, जो सवाल पूरी तरह से जवाब दे नहीं पाते। इसीलिए आप मुलेठी के उपोग से पहले, अपने चिकित्सक का परामर्श ज़रूर लें।
लीवर को सेहतमंद बनाए रखे मुलेठी : Mulethi Benefits for Healthy Liver in Hindi
  • मुलेठी के फ़ायदे और भी होते हैं। यह आपके जिगर या लिवर को सेहतमंद रखने में भी  काफी मददगार होता है।
  • मुलेठी में हेपोप्रोटेक्टिव योग्यता (Hepatoprotective effects)होते हैं,  मतलब ऐसे गुण, जो  लीवर को क्षति पहुँचाने से बचते है। ऐसे गुण, जिनकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते।
  • यह एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजने से बचाव) और एंटीऑक्सीडेंट असर को बढ़ाकर, लीवर को क्षति पहचने से बचते हैं।
  • NCBI  की ओर से एक शोध जारी किया गया है,जो एक दिलचस्प बात बताती है। उसके अनुसार, मुलेठी के अर्क का सेवन करने से, फैटी लीवर (Liver steatosis) के बचाव  में, बहुत सहायता मिल सकती है। पर अच्छा होगा कि लीवर के संबंध में इसे कैसे इस्तेमाल करना है, इस बारे में एक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।
सूजन से लड़ने में ठीक करने में लाभदायक

जब भी हमें, शरीर में कोई भी तरह का सूजन दिखता है, तो उसे ठीक करने में मुलेठी के इस्तेमाल को सही ठहराया जा चुका है। एक शोध जिसे नैशनल कैन्सर इन्स्टिटूट ने निकला था, उसमे यह तथ्य लोगों के सामने रखे थे की मुलेठी में ना सूजन करने वाले गुण पाए जाते हैं। इसी कारण, सूजन की दिक्कत को कम करने का तरीक़ा है, मुलेठी के चूर्ण को पानी में मिलाकर पीना। पर यदि सूजन गंभी हो, तो अपने चिकित्सक से परामर्श ज़रूर लें।

मस्तिक के लिए फायदेमंद
  • ये तो आप जानते ही हैं, कि मस्तिष्क का अच्छी तरह से काम करना, हमारे शरीर के लिए काफ़ी आवश्यक है। तो इस प्रक्रिया के लिए भी मुलेठी के फ़ायदों में देखा जसकता है। असल में, मुलेठी में एक ऐसा अम्ल  होता है, जो हमें यह करने में सहायता करता है। एक अम्ल जिसे हम ग्लाइसीराइजिक एसिड (Glycyrrhizic acid) या यौगिक  के  नाम से जानते हैं, वह  कार्बनिक यौगिक, मुलेठी में पाया जाता है। इसमें अहम रूप से न्यूरोप्रोटेक्टिव (neuroprotective) योग्यता  होती है,जो मस्तिष्क के बचाव में काम करती है। यह गुण मस्तिष्क के लिए लाभदायक माना जाता है।
  • यह मस्तिष्क में होने वाली क्षति को ऑक्सीडेटिव और सूजन की प्रक्रियाओं के कारन प्रतिक्रियाओं से बचाने में सहायता कर सकता है । इसी वजह से, मस्तिष्क की सेहत के लिए मुलेठी के चूरन की सब्जी, या खाने के साथ भूनकर, खाने में इस्तेमाल अवश्य लाया जा सकता है।
इम्युनिटी सिस्टम(प्रतिरक्षक प्रणाली) बढ़ाने के लिए
  • यदि प्रतिरक्षक प्रणाली या इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाना  है तो मुलेठी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • पशुओं पर हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है, कि मुलेठी में एक एंटीऑक्सीडेंट और एक  प्रतिरक्षा के कई प्रभाव पायी जाते है।
  • मुलेठी को ग्रहण करने से, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को एक बहुत ही अच्छी तरह से बढ़ने में सहायता मिलती है।
  • आप सुबह-सुबह उठें और मुलेठी के छोटे-छोटे टुकड़े कर, उन टोकडों को चबाएँ।
  • पर इन टुकड़ों को खाने से पहले एक बार अपने चिकित्सक का परामर्श ज़रूर लें।
पुरुषों की प्रजनन क्षमता(सेक्स हार्मोन) के लिए लाभदायक
  • मुलेठी के पाउडर में पुरुषों के प्रजनन को बढ़ाने की क्षमता को भी देखी जा चुका  है। एक वैज्ञानिक शोध यह कहती है, कि या तो मुलेठी की जड़ या उसका तना जब भी खाया जाए, तो किसी भी पुरुष के प्रजनन अंग पर ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर पर अच्छा असर पड़ता है।
  • इसके अलावा, यह पुरुषों के सेक्स हॉर्मोन, जिसे हम टेस्टोस्टेरोन के नाम से जानते हैं, उसे बढ़ाने में सहायता करता है। यह शिशु पैदा करने की क्षमता में, काफ़ी फ़ायदेमंद होता है।
रजोनिवृत्ति(मेनोपॉज़) के जोखिम में राहत दिलाये
  • एक ऐसी प्रक्रिया, जो हर महिला शरीर में लगभग 45 वर्षों  से लेकर 55 वर्षों के बीच में होती है, उसे रजोनिवृत्ति (Menopause) कहते हैं। मासिक धर्म इसी प्रक्रिया में बंद हो जाता है। अगर दूसरे शब्दों में कहें तो एक महिला के पिरीयड्ज़ बंद  हो जाते हैं। इसके अलावा, एक और प्रक्रिया जिसे हॉट फ्लैश (Hot Flash) कहते हैं, उसका भी तजुरबा होने लगता है।
  •  इस प्रक्रिया में मासिक धर्म के अलावा ,महिला के चेहरे पर, उसके गले पर या उसकी छाती पर गरमी  के संकेत, दिखने लगते हैं।
  • ऐसे में मुलेठी के चूर्ण का उपयोग, ऐसी दिक्कत को कम करने में सहायता कर सकते हैं। असल में, मुलेठी में एक तत्व, फाइटोएस्ट्रोजन (phytoestrogen) पाया जाता है। इसी वजह से,यदि आप इसको काम करना चाहें, तो मुलेठी के इक्स्ट्रैक्ट को निकलें और में। इसको ऐसे लेना, एक रजोनिवृत्ति के बाद होने वाली प्राकृतिक दिक्कत, हॉट फ्लैश में, काफी मायनों में, राहत पहुंचा सकती  है।
मुंह को सेहतमंद बनाये और बीमारियों को रखे दूर मुलेठी : Mulethi Benefits for Mouth Stench in Hindi
  • मुंह को साफ़ और स्वस्थ रखना चाहिए। ऐसे मुँह को सेहतमंद बनाकर रखने में, इस झाड़ीनुमा तने, मुलेठी का उपयोग होता है। वह काफ़ी फ़ायदेमंद होता है।
  • असल में, मुलेठी में कुछ बायोएक्टिव तत्व होते हैं। उन तत्वों के नाम होते हैं ग्लाइसीर्रिजिन (glycyrrhizin), ग्लेब्रिडिन (glabridin), लाइसोक्लेकोन ए (licochalcone A), लाइसोरिसिडिन (licoricidin) और लाइकोरिसोफ्लेवन ए (licorisoflavan A) ।
  • एक अध्ययन, यह बताता है, कि , मुलेठी को मुँह से ही, चबाकर खाने से, इन तत्वों का असर  ओरल स्वास्थ्य, यानी मौखिक सेहत के लिए, काफ़ी फ़ायदेमंद हो सकता है।
  • वैसे ये तत्व, मुंह के बड़े अलग-अलग रोगों के इलाज में सहायता कर सकते हैं।
  • इसी वजह से मुलेठी के चूरन से अपने दाँत और मुँह साफ़ कीजिए। इससे आपके मुँह से  यह सारी बीमारियाँ ग़ायब हो सकती हैं।
नींद में सुधार में लाभदायक
  • अगर आपको ठीक प्रकार से नींद नहीं आती, तो आप मुलेठी का उपयोग कीजिए। सही नींद के लिए, मुलेठी लेना आपको लाभ दे सकता है। कुछ समय पहले, NCBI से प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मुलेठी में ग्लाइसीर्रिजिन (Glycyrrhizin) नाम का एक तत्व मिलता है। इसको यदि आराम से लिया जाए,तो यह अनिद्रा या इंसोमनिया जैसी दिक्कतों को आपके शरीर के पास भी भटकने नहीं देगा। इसके लिए आप इसके चूर्ण को, शहद के साथ ले सकते हैं।
  • वैसे एक औषधि की तरह, तो इस का इस समस्या को दूर करने के लिए, एक अरसे से उपयोग हो रहा है, पर यह किताबी  या पश्चिम दवाओं के मामले में, अब भी शोध का पत्र है। हमें अभी भी इसके वैज्ञानिक प्रमाण की आवश्यकता है।
  •  वहीं, अगर किसी और वजह से नींद ठीक से पूरी नहीं हो पा रही है, तो एक बार चिकित्सक की परामर्श ज़रूर लें।
 त्वचा की सुंदरता की लिए लाभदायक
  • मुलेठी में लिक्विरेटिन (Liquiritin) नामक तत्व पाया जाता है। त्वचा को सुंदर बनाने के लिए भी मुलेठी पाउडर के लाभ देखे जा सकते हैं।
  • यह तत्व, मुलेठी के उपयोग से त्वचा में सक्रिय होता है। यह त्वचा पर मौजूद कुछ धब्बों पर काम करना शुरू करता है। यह धब्बे, असल में एक भूरे पिग्मेंट की वजह से होते हैं। तो मुलेठी, उस पिग्मेंट को फैला देता है, और स्किन में चमक ले आने में सहायक होता है।
  • इसके अलावा, मुलेठी में कुछ चुनिंदा तत्व पाए जाते हैं। इनके नाम हैं : ग्लैब्रेन (Glabrene), आइसोलिकिरिटजेनिन (Isoliquiritigenin), लाइसुरसाइड (licuraside), आइसोलिकिरिटिन (Isoliquiritin) और लाइसोक्लेकोन ए (Licochalcone A)। त्वच का एक दोष या ग़लती, जिसको हम ‘टायरोसिन गतिविधि’ (tyrosinase activity) के नाम से जानते हैं, उसे मुलेठी रोकता है।
  • इसी कारण, कई वैज्ञानिक, मुलेठी को एक ऐंटाई-एजिंग क्रीम भी मानते हैं। इसको इस्तेमाल करना काफ़ी आसान है। आप बस इसका एक पेस्ट बना लीजिए और अपने चेहरे पर लगाएँ। उसके बाद भी, यदि आपको कोई त्वचा की दिक्कत है, तो अपने चिकित्सक से ज़रूर मिलें और सलाह लें।

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मुलेठी के उपयोग: Mulethi Uses- Mulethi in hindi

  • मुलेठी के चूर्ण को पहले पानी में मिलाएँ। उसके बाद इस घोले हुए चूर्ण को पी लें।
  • मुलेठी के छोटे-छोटे टुकड़े कर दें। उसके बाद, इन टुकड़ों को रात में ही पानी में डूबाकर रख दें। आप जब सुबह उठें, तो उन इन गीले टुकड़ों को ओखली से कूटें और फिर खाएँ।
  • आप भोजन के बाद, मुलेठी के चूर्ण और सौंफ़  को मिलाएँ और उनको पानी में अच्छे  घोलें और पीएँ।
  • थोड़ा सा मुलेठी का चूर्ण लें और उसमें निम्बू का रस डालकर एक पेस्ट बनाएँ। फिर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएँ।
  • दूध में भी मुलेठी के चूर्ण को मिलाकर पीया जासकता है।

इसका उपयोग कब करें:

  •  मुलेठी को खाने का कोई विशेष समय नहीं होता है। चाहे वो सुबह हो या शाम हो, या रात हो, या किसी भी समय खाया जा सकता है।
  • पर अगर आप इसे त्वच पर लगाने का प्लान बना रहे हैं, तो अच्छा होगा की आप एक विशेषज्ञ से परामर्श, ज़रूर करें।

कितना करें इस्तेमाल

  • इसके छोटे-छोटे टुकड़े को ही खाने के लिए इस्तेमाल करें।
  • फिर भी इसके सेवन की सही मात्रा की जानकारी के लिए एक बार आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

पतंजलि एलोवेरा जेल

मुलेठी के दुष्प्रभाव: Mulethi Side Effects- Mulethi in hindi

मुलेठी का सेवन करने के साइड-इफ़ेक्ट, निम्न्ल्खित तरीक़े के होते हैं। ध्यान दें:

  • गर्भावस्था के समय महिलाओं को खाने से दूर रहना चाहिए। हो सके तो, एक चिकित्सक  की सलाह पर ही इसे लेना चाहिए।
  • मुलेठी में ख़ासतौर पर एक यौगिक, ग्लाइसीर्रिजिनिक एसिड (glycyrrhizinic acid) रहता ही है। तो जब भी इसे चुनिंदा दवाओं के साथ लें, तो आपको पटैसीयम की कमी महसूस हो सकती है। इसका आपके दिल पर असर पड़ सकता है।
  • मुलेठी को अगर आप ज़्यादा मात्रा में लें, तो इससे आपको उच्च रक्तचाप हो सकता है।
  •  इसकी खाते समय यदि कोई भी विशिष्ट लक्षण दिखे  या महसूस हो , तो इसको लेना बंद करें,  और चिकित्सक से सलाह लेने के बाद ही, इसको लेना फिर से शुरू करें।

मुलेठी को किसी भी किराने  की दुकान से आसानी से ख़रीदा जा सकता है। पर मिल सकता है और आप इसे अहं से खरीद सकते हैं।

आप यह कोशिश करें, की आप इसका चूर्ण ना ख़रीदें। आप इसके टहनियों को आप ख़ुद ही ख़रीदें और फिर, उसका चूर्ण आप अपने घर पर ही बनाएँ। यह प्रतिक्रिया इसलिए ज़रूरी है, क्योंकि आजकल हर जगह मिलावट सम्भव है। आप उस मिलावट से बचें, तो आपका फ़ायदा होगा।

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मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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