Is it safe to drive in pregnancy in hindi

Is it safe to drive in pregnancy in hindi:प्रेगनेंसी में गाड़ी चलाना सुरक्षित है

दौरान दोपहिया (टू व्हीलर) या तिपहिया (थ्री व्हीलर) वाहन पर सफर करना सुरक्षित है?(Is it safe to travel on a two wheeler or three wheeler or four wheeler vehicle?)

सड़क पर दो मुख्य बाधाएं हैं, बेलगाम ट्रेफिक और ऊबड़-खाबड़ सड़कें। जब आप स्कूटर, बाइक या आॅटो से सफर करती हैं, तो कार, बस, ट्रेन या मैट्रो से सफर की तुलना में आपको इन दोनों  बाधाओं का ज्यादा सामना करना पड़ता है।एक अन्य ध्यान देने योग्य बात यह है कि स्कूटर-बाइक या आॅटो में सीट बेल्ट या एयर बैग नहीं होते, जो कि दुर्घटना या गिरने की स्थिति में आपका थोड़ा बचाव कर सकते हैं। (Is it safe to drive in pregnancy in hindi)

हमारे पास इस बात के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं, जो ये साबित कर सकें कि बाइक या आॅटो से सफर करने से शारीरिक रूप से आपकी गर्भावस्था को कोई नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, बहुत से डॉक्टर आपको सावधानी बरतने की सलाह देते हैं, खासकर कि दूसरी तिमाही के बाद से।

एक अध्ययन में पाया गया कि मोटरबाइक से दुर्घटना का शिकार होने का खतरा उन लोगों को अधिक होता है, जो कि:

गर्भावस्था के थ्री ट्राइमेस्टर के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

सफर पर कम जाने के तरीके: (Ways to travel less-Is it safe to drive in pregnancy in hindi)

  • अपने पति या परिवार के किसी सदस्य से घर से बाहर के कामों में मदद के लिए कहें, जैसे कि किराने का सामान खरीदने आदि के लिए। आपको शिशु के लिए जो खरीदारी करनी है, उन चीजों की सूची बना लें और उस दिन खरीदारी के लिए निकलें जिस दिन आपके पति आपको बाजार ले जा सके। खरीदारी के लिए दिन का वह समय चुनें जब आपको लगे कि बाजार में ज्यादा भीड़ नहीं होगी। या फिर आप किराने के सामान व अन्य जरुरी सामान की होम डिलीवरी भी करा सकती हैं।
  • बिजली, केबल या फोन के मासिक बिल का भुगतान आप आॅनलाइन भी कर सकती हैं।
  • अपने दफ्तर मे पता करें कि क्या आप सप्ताह के कुछ दिन घर से काम कर सकती हैं।
  • यदि आपका एक बड़ा स्कूल जाने वाला बच्चा भी है, तो उसके लिए भी कार पूल या स्कूल बस लगवाने पर विचार करें।
  • यह भी एक आम मान्यता है कि ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर सफर करने से प्रसव शुरु हो सकता है। हालांकि, इस बात को साबित करने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
  • यातायात के विकल्प को चुनने से पहले या फिर झटके लगने वाली यात्रा करने से पहले बेहतर है कि आप अपनी डॉक्टर से सलाह लें। यह खासतौर पर तब ज्यादा जरुरी है जब आपकी गर्भावस्था में कोई जटिलता हो या फिर आपके साथ कोई स्वास्थ्य समस्या हो।

नीचे दिए गर्भावस्था चार्ट को पढ़िए ,जो आपको प्रेगनेंसी में हैल्थी बनाए रखने में मदद करेगा

गर्भावस्था आहार चार्ट सम्पूर्ण जानकारी

गाड़ी कैसे चलाए और गाड़ी चलाते वक्त क्या ध्यान रखना चाहिए(How to drive and what to keep in mind while driving-Is it safe to drive in pregnancy in hindi)

  •  सीट बेल्ट हमेशा पहने: अपने बच्चे और खुदकी सेफ़्टी के लिए आपको सीट बैल्ट पहननी ही चाहिए। यह भी सुनिश्चित करें की आपने सीट बैल्ट सही तरीके से पहनी हो। बैल्ट के ऊपर का भाग आपके दोनों स्तन के बीच से होकर आना चाहिए। नीचे का हिस्सा आपके कूल्हों के नीचे, और जांघों के बराबर में होना चाहिए।
  •  स्टेरिंग वील से थोड़ी दूरी रखें: आपको जहां तक सहज लगे अपनी सीट को स्टेरिंग वील से उतना ही दूर कर लें। इससे आपके पेट और वील में अच्छी दूरी रहती है। बढ़ते हुए पेट के साथ अपनी सीट को वील के अनुसार एडजस्ट करना ना भूलें।
  • आगे की ओर न झुकें: पीछे की तरफ सीधे बैठने की कोशिश करें। यह आपकी पीठ के लिए अच्छा है।
  • लंबी दूरी का सफर न करें: जहां तक हो सके लंबी दूरी का सफर ना करें। अगर आपको सही में लंबी दूरी के लिए जाना है तो अपने साथ बैठे इंसान से ड्राइव करने के लिए कहें, इस दौरान आप आराम कर सकती हैं। इस सफर में हर 90 मिनट पर रुककर शरीर को स्ट्रेच जरूर करें। पानी भी बीच-बीच में लेना ना भूलें। प्रेगनेंसी में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। समय पर खाना भी खाएं।
  • बैक सपोर्ट का इस्तेमाल करें: बैकसपोर्ट या लंबर रोल का इस्तेमाल करना आपके लिए सही है। इससे आपके शरीर की अवस्था सही रहेगी।
  •  एक्सिडेंट की स्तिथि में: अपने डॉक्टर को कॉल करें, चाहे एक्सिडेंट कैसा भी हो। वो इस समय आपको आपने बच्चे की दिल की धड़कन चैक करने को कह सकते हैं, जिससे पता चलेगा की सब ठीक है।

आपको सफर करने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है। (You may have to consider other options to travel)

  • ऐसे पड़ोसियों या दोस्तों के साथ सफर करें जो कि आपके दफ्तर के आसपास ही काम पर जाते हों। आप कार पूल कर सकती हैं या फिर टैक्सी का किराया आधा-आधा बांट सकती हैं।
  • दफ्तर जाने के लिए आसान और जल्द पहुंचाने वाला बस या मैट्रो रूट देखें। जब बढ़ते पेट की वजह से स्कूटर या बाइक पर सफर करना मुश्किल होगा, तो बस या मैट्रो का सफर आसान रहेगा।
  • यदि आपका दफ्तर घर के पास ही है, तो रोजना पैदल चलकर जाने का प्रयास करें। किसी दोस्त या सहकर्मी के साथ पैदल जाना अच्छा विकल्प है, क्योंकि यदि आप अचानक अस्वस्थ महसूस करें, तो वे आपको संभाल सकते हैं। सड़क पार करते समय सावधानी बरतें और ऐसे रास्तों को चुनें जहां पैदल चलने के लिए पटरियां बनी हों।
  • यदि आपके पति कार का इस्तेमाल करते हैं तो देखें कि क्या वे आपको दफ्तर छोड़ और ला सकते हैं।

बाइक या स्कूटर में सफर करना हो, तो निम्न सावधानियां बरतें:(If traveling in a bike or scooter, take the following precautions)

  • हमेशा हैलमेट पहनें
  • ऊबड़-खाबड़ और अधिक यातायात वाली सड़कों से दूर रहें।
  • कोशिश करें कि हर दिन सड़क पर आप कम से कम समय गुजारें। यदि संभव हो, तो अत्याधिक ट्रेफिक के समय सफर न करें।
  • सुनिश्चित करें कि आप सही संतुलन बनाकर बैठें और थोड़ा इधर-उधर मुड़कर चौराहों पर सभी तरफ देख सकें।
  • जिन सड़कों पर आप ज्यादातर सफर करती हैं, वहां मौजूद अस्पतालों या ओपीडी क्लिनिकों के बारे में जानकारी रखें। यदि आप अस्वस्थ महसूस करें, तो आपको पता होना चाहिए कि सबसे निकटतम कौन सा अस्पताल या क्लिनिक पड़ेगा।
  • मौसम और यात्रा के समय को देखते हुए ऐसे कपड़े या जैकेट पहनें, जो दूर से ही दिखाई दें।
  • यदि आपको चक्कर आ रहे हों या अस्वस्थ महसूस कर रही हों, तो स्कूटर या बाइक न चलाएं और न ही पीछे बैठें।
  • यदि संभव हो तो बारिश के दिनों में दोपहिया वाहन पर न बैठें। बारिश के दिनों में इन्हें कुशलतापूर्वक चला पाना मुश्किल हो सकता है, खासकर कि यदि सड़कों पर पानी भरा हो, कीचड़ और फिसलन हो। ऐसे में ट्रेफिक जाम भी हो जाता है। वाहन गीली सड़कों पर फिसल सकता है, इसलिए दुर्घटना की संभावना ज्यादा रहती है। धुंध के समय भी स्कूटर या बाइक चलाना असुरक्षित हो सकता है।
  • कोशिश करें कि गर्मियों में दोपहर के समय तपती धूप में बाहर न निकलें। दिन के इस समय आपको चक्कर महसूस होने और शरीर में पानी की कमी होने की संभावना ज्यादा रहती है।
  • स्कूटर को किक लगाते हुए या स्टैंड पर खड़े स्कूटर पर बैठते समय सावधानी बरतें। यदि संभव हो तो किसी की मदद ले लें।
  • कोशिश करें कि शाम को या देर रात को सफर न करें।

ऐसी सलाह दी जाती है की आप ड्राइविंग करने से पहले अपने डॉक्टर से हमेशा सलाह लें। यह ड्राइविंग सीखने का अच्छा समय नहीं है। इसके साथ ट्रेफिक रूल्स भी फॉलो करें।-Is it safe to drive in pregnancy in hindi

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मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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