Glucon-D Powder in Hindi

Glucon-D Powder in Hindi : ग्लुकोन डी पाउडर क्या है? इसके लाभ, दुष्प्रभाव और इस्तेमाल

ग्लुकोन डी पाउडर के बारे में: Information About Glucone D Powder

Table of Contents HIDE

हम यह बात जानते ही हैं, कि ग्लुकोन-D पाउडर(Glucon-D Powder in Hindi) हमारे शरीर को, ज़्यादा ऊर्जा या एनेर्जी प्रदान करने में मदद करता है। यह इंस्टंट एनेर्जी देता है। इस पाउडर का ज़्यादातर उपयोग विटामिन-D से सम्बंध रखने वाली समस्याएँ, हृदय की सारी बीमारियाँ,  मसल्ज़ को मज़बूत करने वाली दिक्कतें, और इस प्रकार की अन्य बीमारियों के उपचार के लिए होता है।

  • जब भी हम अधिक शारीरिक काम या व्यायाम या कसरत करते हैं, तो हमें जो थकान होती है, वैसी परिस्थिति में, यह पाउडर हमें, ऊर्जा देती है।
  • आज  हम यहाँ, इस आर्डिकल में, यह जानेंगे, कि गलोकोन-D का उपयोग किस प्रकार होना चाहिए। इन सब के अलावा, हम यह भी बात करेंगे कि इसके क्या-क्या लाभ और क्या-क्या साइड-इफ़ेक्ट होते हैं। हम इन सबके साथ, ग्लुकोन-D में शामिल इंग्रीडीयंट्स की भी बात आपसे करेंगे।

ग्लुकोन डी पावडर में मौजूद रहने वाली सामग्री – Components of Glucon-D Powder in Hindi

ग्लुकोन डी पावडर में काम करने वाली प्रॉसेस में, नीचे दी गयी सभी तत्वों का इस्तेमाल होता है:

  • विटामिन डी (Vitamin – D)   – 300UI
  • कैल्शियम (Calcium)     – 170MG
  • फास्फोरस (Phosphorus)   – 100MG
  • डेक्सट्रॉस (Dextrose)    – 98GM

अगर हम इसके पैकिज पर दिए इंग्रीडीयंट्स की लिस्ट को देखें तो यह बताते हैं कि इसमें यह चीजें सामने आती हैं:

  • सूक्रोस- ५६ प्रतिशत 
  • ग्लूकोज़- ४० प्रतिशत 

ग्लुकोन डी पाउडर के लाभ/ फ़ायदे और उपयोग /इस्तेमाल : Benefits of Glucon-D Powder in Hindi

1. थकान से लड़ने में:

यह तुरंत एनेर्जी या ऊर्जा प्रदान करने वाला होता है, जिसकी वजह से थकावट दूर हो जाती है। इसके इस्तेमाल के बाद, शरीर और दिमाग वापस ताज़ा हो जाते हैं|

2. शरीर के तापमान या ग़र्मी  को कम कर देना:

जब भी गर्मी  का वक़्त आता है, तो बाहर की ग़र्मी के अलावा, शरीर के अंदर भी ग़र्मी बढ़ जाती है। यदि सवेरे-सवेरे, ग्लूकोज-डी को लिया जाए, तो बदन का टेम्प्रेचर कंट्रोल में बना रहता है। इससे सारा दिन शरीर में ठण्डक बनाए रखने मेंआसानी होती है।

3. व्यायाम के बाद मसल्ज़ या मांसपेशियों को ठीक करने में सहायता कर देना:

काम करते वक़्त, मानव शरीर में उपस्थित ग्लूकोज (कार्बोहाइड्रेट से) सरल मॉलेक्यूल्ज़ या अणुओं में टूट जाता है। इसके बाद, प्रोटीन के साथ मिलकर, यह रक्त के बहाव में मिल जाता है। इससे मसल्ज़ या मांसपेशियों को, काम करने में काफ़ी मदद मिलती है।  यह व्यायाम के बाद निर्माण प्रक्रिया को वापस शुरू करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।

4. बदन को हेल्थी बनाए रखने में, यह पाउडर काफ़ी मदद करता है:

ग्लूकोज-डी(Glucose D) में शरीर के लिए आवश्यक ब्लड-शुगर, या शर्करा, या शुगर (सुक्रोज और ग्लूकोज) मौजूद होती है। यह चीज़ें एक स्वस्थ शरीर को बनाए रखने के लिए, काफ़ी आवश्यक होती है| यह वसा या फ़ैट, और सभी तरह के फैटी एसिड से मुक्त होती है| (जैसा कि इसके लेबल या पैकेट पर पहले से ही लिखा होता है)

ग्लुकोन डी पावडर का इस्तेमाल, अमान्य रूप से , तो एनर्जी ड्रिंक के रूप में ही किया जाता है। पर हम यहाँ नीचे दिए गए, और भी हालातों में भी, इस पावडर को उपयोग में ला सकते हैं।

इसको लेने से ज़्यादा पेशाब होना, हमारि पाचन प्रणाली को साफ़ कर देना और शरीर में पानी की कमी या डीहायड्रेशन से बचाने में, भी ये मददगार होता है।

  • जब विटामिन-D की कमी हो।
  • कब शरीर मे ऊर्जा बढ़ानी हो।
  • इसका सेवन करने से अधिक पेशाब निकलता है, और हमारे शरीर की प्रणाली वापस साफ़ होती है।
  • यह डीहायड्रेशन या निर्जलीकरण में हमारी सहायता करती है।
  • यह चर्डिय-वैस्क्युलर यानी की दिल से सबंधी बीमारियों में हमारी मदद करता है।
  • कम सल्फ़ेट वाली एनेमिया में सहायता।
  • शरीर में जल की रेप्लेस-मेंट में मदद।
  • कार्बोहाइड्रेड के मूल सोर्स के रूप में।

ग्लुकोन डी पाउडर के दुष्प्रभाव या हानियाँ : Glucon-D Powder Side-Effects in Hindi

वैसे, सामान्य रूप में, ग्लुकोन डी पावडर के कोई भी दुष्प्रभाव या साइड इफ़ेक्ट होते ही नही है। मगर आप सब यह बात तो जानते ही हैं, कि हमारे शरीर के लिए, किसी भी चीज़ को हद से ज़्यादा इस्तेमाल करना, हमारे लिए हानिकारक होता है। इसी कारण, आप जब भी इसका उपयोग करना शुरू करने वाले हों, तो एक बार किसी जानकार इंसान से परामर्श ज़रूर लें। इसको इस्तेमाल करने से नीचे दी हुई दिक्कतें हो सकती हैं:

इस पाउडर के इस्तेमाल से पहले आपको समझना पड़ेगा कि तीन चीज़ें क्या होती हैं, और उनमे क्या फ़र्क़ होता है:

  • ग्लूकोज़– गलूसोज़ होता है मोनोसैक्राइड, यानी कि ये कार्बोहाइड्रेट कि एक-मात्र यूनिट होती है। ये हमारे शरीर की सबसे ज़्यादा पसंद की जाने वाला ऊर्जा का स्त्रोत होता है। ग्लूकोज़ ‘ब्लड शुगर’ के नाम से भी जाना जाता है। यही एक ऐसा तत्व या मालक्यूल होता है, जो कि हमारा शरीर, सबसे पहले सोख लेता है।
  • फ़्रुक्टोज़ – फ़्रुक्टोज़  एक ऐसा ऊर्जा का स्त्रोत है, जो कि फलों और सब्ज़ियों में भी पाया जाता है, पर इसे शरीर सबसे पहले फ़ेवर नही करता है। फ़्रुक्टोज़ आपके शरीर में वसा का उत्पादन करता है। यदि हम तुलना करें, तो ग्लूकोज़ ज़्यादा अच्छा होता है, क्योंकि यह अधिक ऊर्जा देता है, और बहुत कम वसा देता है। पर ग्लूकोज़ की तरह, फ़्रुक्टोज़ भी एक मोनोसैक्राइड है।
  • सूक्रोज़ यह एक ऐसे प्रकार का ऊर्जा स्त्रोत है, जो कि डाई-सैक्राइड है होता है। इसमें कार्बो-हाइड्रेट की दो यूनिट होती है। इसमें होती है ग्लूकोज़ और फ़्रुक्टोज़। जैसे ही शरीर में सूक्रोज़ जाता है, तो सबसे पहले वो सोकता है ग्लूकोज़ को। यहाँ पर यदि शरीर को ज़रूरत है, तभी वो फ़्रुक्टोज़ को सोकता है। नही तो, फ़्रुक्टोज़ सीधा वसा की एक परत बनाने।

यदि हम पुराने ग्लुकोन-D या ग्लूकोस-D के तत्वों देखें, तो उसमें सिर्फ़  ग्लूकोज की मात्रा 98.4 प्रतिशत होती थी। तो इसका मतलब, हम बहुत कम सूक्रोज़ उससे लेते थे। पर आज के पैकिज में, वसा या फ़ैट की संख्या काफ़ी  बढ़ गयी है। 

तो यदि आप सिर्फ़ बॉडी-बिल्डिंग करना चाहते हैं, और इसे साथ में, एक एनेर्जी ड्रिंक की तरह ले रहे हैं, तो आप इसे ना लें। ये इसलिए क्यूँकि, ये आप को ग्लूकोज़ के साथ, फ़ैट या वसा भी ज़्यादा दे रही है, जो कि बहुत लाभदायक नही है।

पर यदि आप ऐसे खिलाड़ी हैं, जिसका खेल इतना कठोर प्रशिक्षण माँगता है, कि आप पूरे दिन में इतनी मेहनत करते हैं, कि आपका शरीर शुगर  का इतना स्तर मंगता है, तो आपको  यह एनेर्जी ड्रिंक ज़रूर लेनी चाहिए। यह रनिंग जैसे खेल होते हैं, जिनमे आपके शरीर के सारे इलेक्ट्रलायट्स ख़र्च हो जाते हैं, सिर्फ़ वर्काउट के दौरान, तब यह उत्पाद आपके लिए बहुत फ़ायदेमंद होगा।

अगर आप अपने शरीर में फ़ैट या वसा की मात्रा काम करना चाहते हैं, तो इसका इस्तेमाल ना करें।

ग्लूकोज-डी कैसे लें : How to Consume Glucose D in Hindi

  • अब यह उत्पाद, बाजार में ‘ग्लूकोज-डी(Glucose D)’ 125 ग्रा., 200 ग्रा., 500 ग्रा. और 1 किलो की मात्रा में, पाउडर के रूप में आसानी से मिलता है।
  • अगर आप ताज़ा असर चाहते हैं, के उसके लिए, दो चम्मच ग्लूकोज़ पाउडर एक गिलास ठन्डे पानी में अच्छी तरह घोलकर इसका सेवन करें।
  • यह माना जाता है, कि हर एक दिन छोड़कर, या महीने में किसी भी 10 दिन, ग्लूकोज का सेवन करना सुरक्षित होता है।

ग्लुकोन डी पावडर के इस्तेमाल में सावधानियाँ : Glucon-D Powder Precaution in Hindi

  • ग्लुकोन डी पावडर का इस्तेमाल करने से पहले, अपने चिकित्सक को, अपनी फ़िलहाल के सेहत की हालत के बारे में ज़रूर सूचित करें।
  • अगर आप किसी भी दवाई का पहले से ही इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह दवाई  आपके शरीर के लिए एल दुष्प्रभाव उत्पन्न कर सकता है। आपको इस स्थिति में आने से पहले, एक बार अपने चिकित्सक के परामर्श को ज़रूर लेना चाहिए। इसी वजह से , आप नीचे दी हुई दवाइयों का सेवन करने से पहले, कुछ सावधानियों का ज़रूर ध्यान रखें:
  • अगर कोई मधुमेह का रोगी है, या उसे उसके जैसी कोई और बीमारी है, तो इस पाउडर का सेवन करने से पहले, उसे अपने चिकित्सक की परामर्श ज़रूर लेनी चाहिए।
  • अगर आपको पहले से ही बुखार है, या वैसी कोई बीमारी है, तो इसका इस्तेमाल करने से पहले आपको अपने चिकित्सक के परामर्श को अवश्य लेना चाहिए।
  • यदि आपको इससे किसी भी प्रकार की अल्लेरजी है, तो इसका इस्तेमाल करने से परहेज़ करें और अपने चिकित्सक से एक बार परामर्श ज़रूर लें।
  • प्रेग्नन्सी या गर्भावस्था में, इसका इस्तेमाल करने से पहले आप अपने चिकित्सक को ज़रूर सूचित करें।
  • जब तक गलकों-D का पाउडर पानी में अच्छी तरह से घुल नही जाता, आपको इसका सेवन नही करना चाहिए।
  • अगर आप शिशु को दूध पिला रहे हों, तो उस समय, आप इसका इस्तेमाल करने से बचें। आप ज़्यादा जानकारी चाहते हैं, तो अपने चिकित्सक को ज़रूर सम्पर्क करें।

ग्लुकोन डी पावडर के ज़्यादा मात्रा लेने पर होने वाले लक्षण : Glucon-D Powder Overdose Symptoms in Hindi

अगर आप ग्लुकोन डी पावडर का, जरौरत से ज़्यादा मात्रा में, यानी कि खुराक के ज़्यादा मात्रा में सेवन करते है, तो इसका प्रभाव आप के शरीर पर भी पढ़ सकता है। 

अगर आप को ऐसी कोई भी हालत महसूस होती है, तो ऐसे में, आप को तुरंत ही अपने चिकित्सक से परामर्श लेनी चाहिए। इसके बाद, वो जैसी सलाह दें, आप उसका अच्छे से पालन करें, तो बेहतर होगा।

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मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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