Germs in hindi

Germs in hindi:रोगाणु क्या हैं? उनके फ़ायदे नुकसान और प्रकार

रोगाणु क्या होते हैं:What are germs

रोगाणु अथवा (germs) ऐसे महीन जीव होते हैं, जिन्हें हम अपनी आँखों से देख भी नहीं सकते। यह इतने छोटे होते हैं, की ये कब हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं, और कब निकल जाते हैं, हमें इसका आभास भी नहीं होता। रोगाणु(Germs in hindi) कई सारी बीमारियों का कारण होते हैं।

रोगाणु हमारी बॉडी के लिए बहुत नुकशान दायक होते हे पर साथ ही दूसरे तरीके से देखा जाए तो यह हमारी बॉडी के लिए लाभदायक भी होते है। जर्म्स को  हम अपनी आँखों से नहीं देख पाते हे क्योकि इनका आकर बहुत ही छोटा है इन्हे देखने के लिए आपको माइक्रोस्कोप की जरूरत पड़ती है। रोगाणु जब तक हमारी बॉडी को कोई नुकशान न पहुचाये तब तक हम पता नहीं लगा पाएगे की हमारे शरीर में ये मौजूद हे 

रोगाणुओं की खोज:Discovery of microbes-Germs in hindi

इनकी खोज, फ़्रान्स के एक वैज्ञानिक, लूई पैस्चर ने की थी। कई सालों से लोगों को लगता था की जीवन या जीवित चीज़ें, कहीं से भी उत्पन्ना होती हैं। पर एक हंस-गर्दन वाले फ़्लास्क के प्रयोग से, पैस्चर ने यह दिखाया की रोगाणुओं से हवा आती है। इस काम को लोग जल्दी से स्वीकार नहीं कर पाए क्योकि लूई पैस्चर एक डॉक्टर नहीं थे उनके कई नामी कामों में से एक ‘जर्म रोग निरंतरता’ भी थे।

रोगाणुओं के प्रकार :Types of germs-Germs in hindi

यदि हम रोगाणुओं को बातें, तो वो चार विभाजनों में बाँटे जा सकते हैं: 

बैक्टीरिया, कवक (fungi), वायरस (virus) और  प्रोटोजोआ (protozoa)। 

चलिए, हम इन सब के बारे में जानते हैं:

  • बैक्टीरिया: यह छोटे और एक कोशिका या सेल में रहने वाले जीव होते हैं। यह हमारे पर्यावरण में रहते हैं, और वहीं से ये अपना पोषण करते हैं। यहीं से ये हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं और बीमारियों की मूल वजह बन जाते हैं।
  • वायरस: वायरस को कई मायनों में निर्जीव हाई माना जाता, जब तक उसे कोई होस्ट नहीं मिल जाता।लम्बे समय तक होस्ट ना मिलने पर यह कुछ नहीं करते, पर जैसे ही इनहि कोई होस्ट मिलता है, ये सक्रिय हो जाते हैं। यह होस्ट कोई भी जीवित इंसान या पशु हो सकते हैं। जैसे ही ये सक्रिय होते हैं, ये बीमारियाँ फैलाते हैं।
  • कवक(fungi): कवक एक ऐसा जीव है जिसकी बहु-कोशिकाएँ होती हैं। यह जीवित प्राणियों या पेड़-पौधों में ख़ुद को पलते हैं। यह अकेले अपना आहार तैय्यार नहीं कर सकते। इनके जीने के लिए गरम स्थान होना ज़रूरी है।
  • प्रोटोजोआ: प्रोटोजोआ एक ऐसा जीव है जिसमें सिर्फ़ एक कोशिका ही होती है। यह पानी के द्वारा ही बीमारियाँ फैलता है।इन रोगाणुओं से हमें बहुत सारी बीमारी होने का खतरा होता है 

रोगाणु काम कैसे करते हैं?How do germs work-Germs in hindi

  • यह हमारे शरीर पर सीधा वार करते हैं, और काफ़ी लम्बे समय तक, यह हमारे शरीर में हाई रहते हैं। रोगाणु हमारे शरीर में या पर मौजूद पोषक-तत्वों से ख़ुद का पालन-पोषण करते हैं।
  • यह हमारे शरीर पर मौजूद सभी लाभदायक तत्वों को मिलाकर  एक ज़हरीला पदार्थ  उत्पन्न करते हैं। यही पदार्थ हमें बीमार करता है।

रोगाणु के नुकसान: Germ damage-Germs in hindi

बैक्टीरिया के नुकसान:-Bacterial damage
  • कुछ बकटेरिया हमारे शरीर के अंदर जाकर, हमारे कुछ अंगों को हानि पहुँचते हैं। यह हमारे अंदर जाकर, वहाँ मौजूद सहायक रोगाणुओं को मार देते हैं। इसी करनवश हम बीमार पढ़ जाते हैं। यह ऐसे विशैले पदार्थ बनाते  हैं जो कि हमारे लिए हानिकारक होते हैं।
  • कुछ और हमारे खाने पर आक्रमण करते हैं, और हमारे खाने को ख़राब कर देते हैं। हम वही खाना खाते हैं और बीमार पढ़ जाते हैं। यही वजह है कि खाने को सुरक्षित जगह रखना चाहिए, और दूसरी बात, खाने से पहले, हमें हाथ धोकर खाना चाहिए।
  • काफ़ी बकटेरिया पेड़ों पर चिपक जाते हैं, और उसमें लगने वाले सब्ज़ियों और फलों को ख़राब कर देते हैं। अगर हम इन फलों या सब्ज़ियों को खाते हैं, तो हम बीमार पढ़ जाते हैं।
  • हमारे लिए सबसे ज़्यादा हानिकारक रोगजनक बचतेरी होते हैं। इन्हें हम pathogens भी कहते हैं। यह हमें हैज़ा, गले की बीमारी,तपेदिक, स्टेफ़ संक्रमण जैसी बीमारियाँ करवाते हैं।
  कवक से नुकसान:-Fungal damage
  • ज़हरीली बीमारी: जैसा हमने पहले बताया था कि कवक गरम स्थानों पर ही उगते हैं, वैसे ही मशरूम, जो कि एक प्रकार का कवक है, भी गरम स्तनों पर हाई उगता है। अगर हमने ऐसे किसी मशरूम का हमने सेवन कर लिया जाए, जो कि सही नहीं है, तो वो हमारे जिगर और गुर्दे को हानि पहुँचा सकता है। ऐसे ही कयी ज़हरीले मशरूम भी होते हैं।
  • एलर्जी:कवक जब हमारे शरीर बढ़ते हैं, तो दाद, खुजली जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं।
वायरस से नुकसान: Virus damage

वाइरस से हमें ठंड, ज़ख़ाम, खाँसी, चिकेन्पॉक्स, एड्ज़ और बिलकुल नया, कोविड-19 जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं। वैसे वाइरस का हर इंसान पर अलग-अलग प्रभाव पढ़ता है।

प्रॉटोजोआ से नुकसान: Damage from protozoa

यह दूषित पानी और दूषित खाने से फैलते हैं और हमें बीमार करते हैं। किसी कीड़े के काटने से भी यह रोगाणु हमारे शरीर में घुसता है और बुखार फैला सकता है।

रोगाणु से कैसे बचा जाए:How to avoid germs

  • हाथ धोना:

क़रीब सारे रोगाणु हमारे  शरीर में, मुँह से आते हैं, इसी वजह से खाना खाने से पहले हमें अपने हाथ अच्छे से धोने चाहिए।

  • साफ सफाई रखना :

  कुछ रोगाणु जैसे की प्रोटोजोआ, गंदे पानी से आते हैं। इसीलिए पानी को साफ़ बर्तन में रखें। पानी को भी लम्बे वक़्त तक एक ही बर्तन में ना रखें।

  • पीने का पानी: 

सदा स्वच्छ पानी ही पीना चाहिए। गंदे पानी को पीने से रोगाणु हमारे शरीर में घुस जाते हैं और हमें बीमार कर देते हैं।

रोगाणु के फायदे: Benefits of germ-Germs in hindi

  • काफ़ी बैक्टीरिया हमारे फ़ूड-पाइप या पाचन तंत्र में मौजूद होते हैं। वहाँ ये खाने को पचाने में सहायता करते हैं। यह खाने को छोटे-छोटे टुकड़ों में बाँट देते हैं, जिससे हमारे शरीर को इसे पचाने में मदद मिलती है।
  • कुछ बैक्टीरिया का आंटीबायोटिक  बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है। यह बकटेरिया का प्रकार ऑक्सिजन का निर्माण करने में हमारी सहायता करता है, जो कि ज़रूरी है एंटीबायोटिक के निर्माण में।
  • शोध बताती है की कोम्मेन्सल जैसे बैकटेरिया हमारी प्रतिरक्षा या इम्यूनिटी के लिए बहुत ज़रूरी है। पर इसका कारण अभी तक पता नहीं चला है।

कुछ और जानकारियॉ जो आपकी दैनिक दिनचर्या के लिए बहुत ही फायदेमंद है |

मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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