First trimester of pregnancy in hindi

First trimester of pregnancy in hindi:प्रग्नेंसी के शुरुआती तीन महीने सम्पूर्ण जानकारी

बेहद खास है पहले 3 महीने, अपना और अपने बच्चे का रखें खास ख्याल(First trimester of pregnancy in hindi, it is very special, take special care of yourself and your baby)

इस दुनिया में बहुत सी ऐसी औरतें हैं जो मां बनने का सपना तो देखती है लेकिन जीवन पर्यंत मां बन नहीं पाती है। लेकिन कुछ महिलाएं बेहद भाग्यशाली होती है जिन्हें ईश्वर द्वारा मां बनने का सुख प्राप्त होता है। जिन्हें मां बनने का सुख प्राप्त होता है उनके लिए आज यह पोस्ट बेहद खास है क्योंकि आज हम बताने वाले हैं कि शुरुआती 3 महीने(First trimester of pregnancy in hindi) में बच्चे का बहुत ज्यादा ख्याल रखना क्यों आवश्यक होता है? और किस तरह से आपको अपने बच्चे की सही देखभाल करनी चाहिए ताकि आप अपने बच्चे को अपनी गोदी में प्राप्त कर सके और खिला सके। 

किसी भी चीज को ना करें अनदेखा(Do not ignore anything in first trimester of pregnancy in hindi)

आरंभ के यह 3 महीने गर्भवती महिला के लिए बेहद खास होते हैं क्योंकि इन दिनों आपको खुद से जुड़ी किसी भी बात को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि कोई महिला पहली बार मां बन रही है तो उसके लिए तो यह शुरुआत के 3 महीने बेहद खास होते हैं इन दिनों में गर्भ में भ्रूण का विकास होना आरंभ ही होता है ऐसे में महिला के शरीर के बहुत सारे हार्मोन बदलते हैं जिसकी वजह से उसके अंदर कई प्रकार के बदलाव भी आते हैं जो कि बहुत ज्यादा चुनौतीपूर्ण होते हैं। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही आपको जीवन भर के लिए दुख के गहरे गड्ढे में गिरा सकती है। आरंभ का यह दौर हर महिला के लिए एक अलग अलग स्वभाव उत्पन्न करता है कुछ महिलाएं बहुत खुशनुमा हो जाती हैं तो कुछ महिलाएं बहुत चिड़चिड़ी रहने लगती हैं। ऐसे में खुद से जुड़ी प्रत्येक बात आपको किसी विशेषज्ञ अथवा डॉक्टर के साथ अवश्य शेयर करनी चाहिए ताकि आपको आने वाली किसी भी समस्या का सामना ना करना पड़े। इस समय में एक पत्नी का सबसे अच्छा दोस्त उसका पति ही बन सकता है क्योंकि वह उसके दिल की हर बात समझ कर उसका हल भी निकाल सकता है।

इन चीजों से रहे दूर(Stay away from these things in first trimester of pregnancy in hindi)

आरंभिक तीन महा बहुत ज्यादा देखभाल वाले होते हैं ऐसे में गर्भवती महिला को आरंभ के उन दिनों के दौरान भीड़-भाड़, प्रदूषण और रेडिएशन वाली जगहों से बचाकर रखना चाहिए। यह ऐसा समय होता है जो इंजॉय करने का नहीं बल्कि खुद का ज्यादा ध्यान रखने का होता है ऐसे में आपको कहीं पर भी उबड़ खाबड़ जगह पर जाने से पहले 10 बार सोचना चाहिए और ज्यादा जरूरी ना हो तो दूर की यात्रा में ऐसी उबड़ खाबड़ वाली जगह पर जाने से परहेज ही करना चाहिए। यह अवस्था ऐसी होती है जब बच्चे का विकास होना आरंभ ही होता है तो ऐसे समय में अधिक खान-पान का ध्यान रखना बेहद आवश्यक होता है। गर्भवती महिला को अपने शरीर में पानी की बिल्कुल कमी नहीं होनी देनी चाहिए दिन भर कोई ना कोई तरल पदार्थ पीते रहना चाहिए। 

डाइट चार्ट बनाये(Make a diet chart)

आरंभ के तीन महीनों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन से युक्त खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। गर्भवती महिला को अपने भोजन में दाल, पनीर, अंडा, नॉन वेज, सोयाबीन, दूध, दही, पालक, गुड, अनार, चना, पोहा, मुरमुरे जैसी कई प्रकार की चीजें शामिल करना चाहिए ताकि आपके मुंह का स्वाद भी बना रहे और आपके पेट में हर 1 घंटे में कुछ ना कुछ खाद्य पदार्थ जाता रहे। साथ ही आपको एक ऐसा डाइट चार्ट बनाना चाहिए जिसके अनुसार आपको सुबह क्या खाना है दोपहर में क्या लेना चाहिए और शाम के नाश्ते में क्या स्नेक्स होनी चाहिए साथ ही रात में आपको कैसा भोजन करना चाहिए इस बात का पूरा ब्यौरा उसमें शामिल हो। इसके साथ ही आपको एक वजन चार्ट भी बनाना चाहिए जिसमें आप अपना रोज का वजन लिख सके और एक रिकॉर्ड तैयार कर सकें।

Diet chart pregnancy in hindi:गर्भावस्था आहार चार्ट सम्पूर्ण जानकारी

आहार में शामिल करें ओमेगा(Include omega in diet)

बच्चे के मस्तिष्क, तंत्रिका प्रणाली और आंखों के विकास के लिए एक गर्भवती महिला को ओमेगा 3 फैटी एसिड शामिल करना बेहद आवश्यक होता है। गर्भ में पल रहे बच्चे का दिमाग सही से विकसित हो सके इसके लिए आवश्यक है कि एक गर्भवती महिला को ओमेगा-3 और omega-6 से भरपूर खाद्य पदार्थ अवश्य लेनी चाहिए। फिश लीवर ऑयल, ड्राई फ्रूट्स, हरी पत्ते दाल सब्ज़ियाँ और सरसों के तेल में ओमेगा थ्री प्रचुर मात्रा में भरा होता है। इसलिए यह सब चीजें आयरन और फोलिक एसिड की गोलियों के साथ एक गर्भवती महिला को अवश्य लेनी चाहिए ताकि शरीर में खून की कमी कभी भी ना हो। 

आरम्भ के 3 महीनों में यह सावधानियां अवश्य बरते(These precautions must be taken in the beginning 3 months)

  • गर्भवती महिला को कोई भी दवाई लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए अन्यथा किसी भी गोली का कुछ भी भयानक साइड इफेक्ट हो सकता है। आरंभ के तीन महीनों में बिना डॉक्टर की सलाह कोई भी दवाई यदि ले लेते हैं तो वह गर्भनाल के माध्यम से बच्चे के खून में प्रवेश कर जाती है जिससे भ्रूण को खतरा होने लगता है।
  • आरंभ के तीन महीनों के दौरान कच्चा मांस व कच्चे अंडे और पनीर का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह शिशु की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।
  • ऐसी जगह से दूर रहना चाहिए जहां पर बेहद अधिक प्रदूषण की समस्या रहती है।
  • यदि किसी महिला को शराब और सिगरेट जैसी गंदी लत लगी हुई है और वह प्रेग्नेंट हो जाती है तो गर्भवती होने के दौरान उन्हें इन सब चीजों से परहेज करना चाहिए। क्योंकि ऐसे पदार्थ बच्चे के खून में बहुत जल्दी मिल जाते हैं जिसकी वजह से उसे शारीरिक और मानसिक विकार हो सकते हैं।
  • प्रत्येक गर्भवती महिला को यही कोशिश करनी चाहिए कि गर्भधारण करते समय वह अच्छा म्यूजिक सुने धार्मिक किताबें पढ़ें और अच्छी-अच्छी बातों के बीच ही रहे।
  • विशेषज्ञ को समय-समय पर दिखाते रहें और साथ ही उनके द्वारा बताई गई एक्सरसाइज अवश्य करें।
  • ज्यादा बना और मसालेदार खाना खाने से कब्ज और पेट में जलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है इसलिए कोशिश करें कि आरंभ के समय में ऐसी चीजों से परहेज करें यदि कभी किसी चीज को खाने का मन करता है तो उसे हल्की मात्रा में ही लें ताकि वह नुकसान देह ना हो। 

आरंभ के 3 महीनों में कराए जाने वाले आवश्यक जांचे(Necessary tests to be done in the first 3 months)

गर्भधारण करने के बाद सबसे पहले किसी अच्छी लेडी डॉक्टर के पास जाकर जो गाइनेकोलॉजिस्ट की स्पेशलिस्ट हो उसके पास जाकर सलाह अवश्य ले और अपना रजिस्ट्रेशन करवा ले ताकि आपको आपकी सेहत और मेडिकल हिस्ट्री के अनुसार विशेषज्ञ आपको कुछ टेस्ट कराने की सलाह दे सकें।

  • आमतौर पर प्रत्येक विशेषज्ञ हिमोग्लोबिन, कैल्शियम, ब्लड शुगर, यूरिन और एचआईवी टेस्ट कराने की सलाह देते हैं जिन्हें हर 3 महीने में कराया जाता है।
  • किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न ना हो इसलिए गर्भावस्था के दौरान डॉ अल्ट्रासाउंड टेस्ट की सलाह भी देते हैं। 
  • दूसरे महीने के दौरान अल्ट्रासाउंड टेस्ट के जरिए डॉक्टर बच्चे की धड़कन जानने की कोशिश करते हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान विशेषज्ञों द्वारा मिर्गी थायराइड थैलेसीमिया आदि कुछ महत्वपूर्ण जांच भी कराई जाती हैं ताकि समय से पहले उस समस्या का समाधान निकाला जा सके और यदि किसी माता में ऐसी कोई समस्या है तो वह उसके बच्चे में ना जाए। 

महत्वपूर्ण बातें जिनका रखें हमेशा ध्यान(Important things to keep in mind always in first trimester of pregnancy in hindi)

गर्भावस्था के दौरान कुछ ऐसी बातें भी होती हैं जिनकी सलाह केवल हमारे बड़े बुजुर्ग या समझदार व्यक्ति ही दे सकते हैं जिनका ख्याल रखना बेहद आवश्यक भी होता है। इसकी एक छोटी सी लिस्ट हमने नीचे भी दी है जिन बातों को यदि आप ध्यान रखेंगे तो आप अपने गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ और तंदुरुस्त बने रहेंगे। 

  • आरंभिक दिनों से लेकर पूरे 9 महीने तक कोई भी भारी वजन एक गर्भवती महिला को नहीं उठाना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं के लिए डांस करना निषेध होता है इसलिए कोशिश करें कि ज्यादा उछल कूद ना करें।
  • सीढ़ियों पर भी ज्यादा भागदौड़ करना गर्भवती महिला के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • गर्भवती महिला को हील नहीं पहननी चाहिए। 
  • गर्भवती महिलाओं को लंबे सफर पर नहीं जाना चाहिए और गाड़ी तो बिल्कुल भी ड्राइवर नहीं करनी चाहिए। 
  • रस्सी कूदने जैसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए।
  • कमर को झुकाने की बजाय घुटने मोड़कर बैठना चाहिए। 
मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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