Female sterilization in hindi

Female sterilization in hindi:महिला नसबंदी क्या है?इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी

महिला नसबंदी क्या होती है?-What is female sterilization?-Female sterilization in hindi

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  • महिला नसबंदी(Female sterilization in hindi) को अंग्रेजी में, फीमेल स्टरलाइडेशन (Female Sterilisation) कहा जाता है। चिकित्सीय वरणवाली में  इसे ‘लैप्रोस्कोपिक’ कहा जाता है। महिला नसबंदी, किसी दम्पत्ति के लिए, गर्भनिरोधन का एक सही और स्थायी तरीक़ा होता है। इसमें औरत के दोनो फ़ेल्लोपीयन ट्यूब को या तो काट लिया जाता है, या बंद किया जाता है, जिससे वो गर्भवती नहीं होती।
  • एक और बहुत ज़रूरी बात, की यह सिर्फ़ महिलाओं के गर्भ्धारण को रोकता है, किसी और जमस्या को दूर नहीं करता (यौन सम्बंधी)। इसके कारण, आपकी सेक्शूअल ज़िंदगी में कोई बदलाव नहीं आता।
  • पर महिलाओं को इस  विकल्प को, आख़री विकल्प के रूप में रखना चाहिए। इससे पहले, आप और भी गर्भ-निरोधन के तरीक़े, जैसे हॉर्मोन प्रत्यारोपण या गर्भनिरोधक गोलियाँ जाँच सकती हैं।
  • वैसे, पुरुष नसबंदी, इससे ज़्यादा स्थायी विकल्प होता है। उसके बाद, बिना कंडोम के भी सम्भोग करने पर आप गर्भवती  नहीं होती।

महिला नसबंदी की जरूरत कब होती है?-When is female sterilization needed?-Female sterilization in hindi

  • हर महिला की नसबंदी सम्भव है। इसका विकल्प उसी को चुनना चाहिए, कि अब और बच्चे नहीं चाहिए उसे।
  • नसबंदी के बाद, महिला की सेहत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। उसकी यौन इच्छा या मासिक धर्म भी पहले जैसी ही रहती है।
  • नसबंदी का  असर, महिला के हॉर्मोन पर भी नहीं पड़ता है, और उसकी ज़िंदगी, पहले समान ही रहती है।
  • महिला नसबंदी गर्भनिरोधन का सबसे सफल तरीक़ा है। इसकी दर 99% होती है।
  • नसबंदी के बाद महिला फिर से माँ तो नहीं बन सकती, पर एक मुश्किल ऑपरेशन है जिससे वह फिर से माँ बन सकती। पर यह ऑपरेशन या तो ख़तरनाक होता है,या इसके बाद, माँ बंने की आशंका बहुत कम होती है।

महिला नसबंदी के फायदे:-Benefits of female sterilization-Female sterilization in hindi

  • महिला नसबंदी बच्चों में अंतर रखने का अच्छा और सुरक्षित तरीक़ा है।
  • वैसे सौ में से 99 बार ये, ये सफल होता है। यह क़रीब-क़रीब पूरी तरह विश्वसनीय होता है।
  • जैसे गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन में दुष्प्रभाव देखे गए हैं, महिला नसबंदी में ऐसा कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।
  • महिला नसबंदी की वजह से ना ही कभी यौन इच्छा में कमी होती है, और ना ही कोई हॉर्मोन असंतुलन होता है। 
  • इससे कभी भी मासिक धर्म पर भी असर नहीं आता।
  • यह भी मानना है की महिला नसबंदी के बाद, ओवेरीयन कैन्सर का ख़तरा बिलकुल काम हो जाता है।

महिला नसबंदी के नुकसान या नसबंदी के साइडइफेक्ट-Female sterilization loss or sterilization side effects-Female sterilization in hindi

  • महिला नसबंदी के बाद भी, महिला को STI’s हो सकते  है, इसीलिए, महिला के पार्ट्नर को कॉंडम का इस्तेमाल करना ज़रूरी होगा।
  • कुछ महिलाओं में आंतरिक ब्लीडिंग, संक्रमण और कोई अंधरूनी अंग को चोट लग सकती है।

महिला नसबंदी के जोखिम:-Risk of female sterilization-Female sterilization in hindi

  • कहा जाता है की महिला नसबंदी से पहले, आपको एक बार अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर लेनी चाहिए।
  • फिर भी, आंत में ख़ून बहना, गर्भय में छेद होना स्त्री रोग या ऐसी बीमारियाँ होना, इसके जोखिम में से हैं।

महिला नसबंदी की प्रक्रिया:Female sterilization process-Female sterilization in hindi

महिला नसबंदी करवाने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?-What should I know before getting a female sterilization done?

नसबंदी  करवाने से पहले आपका डॉक्टर निम्न जरूरी बातों के निर्देश दे सकते हैंः

  • ऑपरेशन करवाने से एक हफ्ते पहले, काउंटर से मिलने वाली दवाओं का सेवन बंद करें।
  • अपनी सभी दवाओं की जानकारी अपने डॉक्टर को दें।
  • अगर आपको किसी दवा या किसी भोजन से ऐलर्जी है, तो उसके बारे में अपने डॉक्टर को बताएं।
  • ऑपरेशन से पहले आपको रक्त-जाँच करवाने की भी जरूरत हो सकती है।
  • ऑपरेशन कराने से 6 से 12 घंटें पहले उपवास रखें।
  • सर्जरी वाले दिन योनि को शेव करें। अगर शेव नहीं भी करते हैं ऑपरेशन के दौरान सर्जन जरूरत के अनुसार शेव कर सकते हैं।
महिला नसबंदी के दौरान क्या होता है?-What happens during female sterilization?
  • आपके पेट में एक या एक से अधिक छोटे चीरे लगाया जा सकते हैं। इन चीरों के जरिए आपके पेट के अंदर सर्जिकल डिवाइस डाले जाएंगे। 

आपका पेट कार्बन डाइऑक्साइड गैस से भरा हो सकता है। इससे आपके सर्जन को आपके पेट के अंदर देखने में आसानी होती है। महिला नसबंदी के कई प्रकार होते हैं। आपका ऑपरेशन किस विधि से किया जाएगा, यह आपकी सेह स्थिति और सर्जन के अनुभव पर निर्धारित कर सकती है।

1.ट्यूबल लिगेशन महिला नसबंदी-Tubal ligation female sterilization

इस प्रक्रिया में, फ़ेल्लोपीयन ट्यूब की धारा रोकने के लिए, उस धारा को ही बाँध दिया जाता है। इससे शुक्राणु अंडे तक पहुँच नहीं पाते।

2.नॉनसर्जिकल महिला नसबंदी-Nonsurgical female sterilization
  • नसबंदी के इस प्रकार में, एक ऐसा उपकरण इस्तेमाल किया जाता है, जिसे फ़ेल्लोपीयन टूब अक्लूज़न कहा जाता है। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार का चीर लगने की ज़रूरत नहीं होती, और इसीलिए यह जल्दी ठीक हो जाता है।
  • इसमें धातु के दो कोईल लगाने की ज़रूरत होती है, जो कि योनि और सर्विक्स के ज़रिए, फ़ेल्लोपीयन ट्यूब में डाला जाता है। यह फ़ेल्लोपीयन टूब को इसलिए ब्लॉक कर पाते हैं, क्योंकि कोईल  के चारों ओर संचार टिशू होते हैं। 
  • वैसे कोई बड़ी चीर-फाड़ नहीं होती, पर मरीज़ को फिर भी अनाएस्थिशिया दिया जाता है।
3.मिनीलैप्रोटॉमी महिला नसबंदी -Minilaprotomy female sterilization
  • यह एक और प्रकार है महिला नसबंदी का। इसे बच्चे के जन्म के दो दिन बाद ही  किया जाता है। ऑपरेशन थेएटेर में पहले माँ को बेहोश किया जाता है। फिर डॉक्टर महिला के पेट के ऊपर एक चीरा लगाते  हैं, और उस गैप से फ़ेल्लोपीयन ट्यूब के एक भाग को  निकाल देते हैं। यह मरीज़ पर निर्भर करता है, उसके घाव सूखने पर- कुछ के जल्दी सूख जाते हैं, और कुछ के नहीं। इसी पर निर्भर होता है की ऑपरेशन के बाद या तो वह घर भेजी जाए या वहीं हॉस्पिटल में थोड़ा समय आराम करे।
  • थोड़े समय में ही महिला की ज़िंदगी सामान्य हो जाती है और कोई ख़ास परेशानी नहीं होती।

अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

रिकवरी: महिला नसबंदी के बाद क्या होता है?-What to do for recovery after female sterilization- Female sterilization in hindi

  • जब तक आपको पूरी तरह से होश नहीं आता, आपको आराम करना चाहिए।
  • आपको तरल पदार्थ लेने चाहिए और इस बारे में, आपको अपने चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

नसबंदी के बाद आहार:Diet after sterilization female sterilization – Female sterilization in hindi

  • महिला नसबंदी भी किसी आम ऑपरेशन की तरह होता हाई और आम सावधानियाँ लेने की ज़रूरत है।
  • किसी भी सर्जरी की तरह, इसमें भी आप शुरुआत करें हल्के आहार के साथ जैसी की ब्रेड, मूँग डाल की खिचड़ी आदी।
  • ऑपरेशन में अनाएस्थिशिया जैसे क़यी कारणों की वजह से क़ब्ज़ जैसी परेशानी हो सकती है। उसके लिए फल, सब्ज़ियाँ, सलाद खाएँ जड़ तक क़ब्ज़ बंद ना हो।
  • ख़ूब पानी पीएँ। इससे आपका पेट तो ठीक रहेगा ही, और शरीर की गंदगी भी बाहर निकलेगी।
  • शराब, सिगरेट और कैफें से दूर रहें।
  • जंक फ़ूड और मसालेदार खाने से भी दूरी बनाएँ। यह सब आपको पचाने में दिक्कत होगी।

संक्रमण या इन्फेक्शन:Infection

  • चीरे के घाव का भरने में या तो समय लगता है, या असफलता होती है।
  • यह समय मधुमेह के मरीज़ों में ज़्यादा लग सकता है। उन्हें ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत पड़  सकती है।
  • यदि घाव भरने में समय लगे, तो अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
  • जहाँ चीरा लगा हो, उसे साफ़ रखिए। अपने घाव को बिलकुल भी गंदा ना होने दें।

महिला नसबंदी में सावधानियाँ:Precautions

महिला नसबंदी के बाद परहेज व सावधानियां: 

1.नसबंदी के बाद शारीरिक सम्बन्ध -Physical relationship after female sterilization

इसके बाद भी आपको शारीरिक सम्बंधी रोगों का डर रहेगा। तो अगर आपने नसबंदी करवाई है, तो इन रोगों से बचने के लिए, कंडोम का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, नसबंदी करने के 15 से 20 दिनों तक शारीरिक सम्बन्धों से दूर रहें।

2.पेट सम्बन्धी समस्याएं -Stomach Problems after female sterilization

किसी और सर्जरी की तरह, महिला नसबंदी में भी पेट की समस्याएँ जैसे की गैस बनना, पाचन क्रिया में दिक्कत आना लाज़मी है। डॉक्टर की सलाह का अच्छा से पालन करना और सही आहार लेना ही इसका रामबान इलाज है।

3.भारी सामान न उठायें:Do not lift heavy items after female sterilization

ऑपरेशन होने के काम से काम दो दिन बाद तक विश्राम करें और भारी सामान उठाने का विचार भी ना लाएँ।

सरकारी लाभ :Government benefits

जनसंक्य के नियंत्रण के लिए, सरकार की तरफ़ से नसबंदी के लिए हमेशा कयी मौद्रिक लाभ होते हैं। उसका लाभ अवश्य उठाएँ।

  • यदि ज़्यादा महिलाएँ नसबंदी कराएँ, तो इसके लिए सरकार की तरफ़ से कैम्प भी लगते हैं।  
  • आशा, एमएनएम और स्वास्थ्य कर्मचारी तो महिला नसबंदी के बारे में गाँव-गाँव में बताते हैं। वह उस समय चल रही सारी योजनाएँ भी बताती हैं। सबका लाभ उठाएँ।
  • पिछले साल, भारत के राज्य उत्तर प्रदेश में सरकार की ओर से यह घोषणा हुई थी की अगर किसी भी महिला की नसबंदी असफल हुई, तो उसे सरकार की तरफ़ से 30,000 की राशि दी जाएगी। ऐसी ख़बरों पर भी ध्यान दें।
  • 2011 में झुनझुनू, राजस्थान और पाली जिलों में यह घोषणा हुई थी की महिला नसबंदी कराने वालों को टाटा नैनो मिलेगी। इस बात का निर्णय एक लकी ड्रॉ से हुआ था।
  • इसी राज्य में एक और सरकार ने घोषणा करवायी थी की एक बच्चे के जनम के बाद, यदि पुरुष नसबंदी करता है, तो उसे पंद्रह हज़ार की राशि और यदि महिला नसबंदी करा टी है, तो उसे दस हज़ार की राशि प्रदान की जाएगी। 

सरकार अमूमन ऐसी घोषणाएँ करती रहती है, जिससे कि आम आदमी देश की जनसंख्या के बारे में सोचे और ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को, अच्छी से अच्छी सुविधाएँ दे सके।

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मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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