Constipation during pregnancy in hindi

Constipation during pregnancy in hindi:गर्भावस्था के दौरान कब्ज

गर्भावस्था के दौरान कब्ज(Constipation during pregnancy in hindi) होना क्या आम बात है? क्या कारण है गर्भावस्था में कब्ज होने के? क्या इस रोग से निजात पाया जा सकता है? 

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गर्भावस्था के दौरान अधिकतर महिलाएं कब्ज(Constipation during pregnancy in hindi) के कारण आपने गर्भावस्था में बड़ी ही मुश्किलों का सामना करती है गर्भावस्था के दौरान कब्ज होना एक आम बात होती है क्योंकि यह हार्मोन चेंजेस के कारण होती है जब कोई महिला गर्भ धारण करती है तो उसके हार्मोन चेंज बहुत जल्दी-जल्दी होते हैं जिस कारण कब्ज होना आम बात हो जाते हैं। 

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ऐसा नहीं है कि कोई महिला कब्ज से निजात नहीं पा सकते यह बहुत ही आसान होता है सही तरीके एवं सही समय पर खान-पान का सेवन करने से एवं व्यायाम करने से कब्ज का निजात हो सकता है। इसी के साथ-साथ बहुत से घरेलू उपायों को अपनाकर भी कब्ज से छुटकारा पाया जा सकता है। 

परंतु सही समय पर यदि इसका उपचार नहीं किया जाए तो यह एक बड़ी समस्या पैदा कर सकती है। कारणवश महिलाओं को गर्भावस्था में कब्ज को अनदेखा नहीं करना चाहिए एवं सही समय पर उपचार करना चाहिए। 

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कब्ज होने के कारण(Cause to Constipation during pregnancy in hindi)

  • गर्भावस्था के दौरान प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन बढ़ने से महिला को सबसे ज्यादा कब्ज हो सकती है। 
  • गर्भावस्था के दौरान फाइबर युक्त पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है यदि गर्भवती महिला फाइबर युक्त पदार्थ का सेवन नहीं करती या फिर कम करती है तो कब की समस्या पैदा हो जाती है क्योंकि फाइबर युक्त पदार्थ पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में सहायक होता है।
  • डॉक्टर द्वारा गर्भवती महिला को कम से कम 8 से 10 प्लस पानी पीने की सलाह दी जाती है यदि गर्भवती महिला पर्याप्त पानी नहीं पीती है तो कब की समस्या हो जाती है। 
  • गर्भावस्था में आलस आना एक आम बात होती है। इस कारण बहुत ही महिला अपनी गतिविधियों को कम कर देती है। और यह कब्ज होने की समस्या पैदा कर देती है। 
  • बहुत सी महिलाओं को डायबिटीज, स्ट्रोक एवं आंत में रुकावट जैसी समस्या होती है एवं इस कारण से भी महिला को कब्ज हो जाती है।
  • गर्भावस्था में ली जाने वाली आयरन एवं दर्द नाशक दवाइयों के कारण भी कब्ज हो जाती है।
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कब्ज होने के लक्षण(Symptoms of Constipation)

  • जब गर्भावस्था में किसी महिला को कब्ज की समस्या(Constipation during pregnancy in hindi) होती है तो उसे मल कम आता है।
  • कब्ज होने के कारण महिला को भूख कम लगती है।
  • गर्भवती महिला का कब्ज में अपने आप पेट हल्का फूल जाता है एवं दर्द होने लगता है।
  • बहुत ही महिलाओं का मल कठोर हो जाता है।
  •  जब महिलाओं का मल कठोर हो जाता है तो उस जगह पर जख्म बन जाते हैं और मल के साथ साथ खून भी निकलने लगता है।
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गर्भावस्था में कैसे करें कब्ज की रोकथाम?(How to prevent constipation in pregnancy?)

  • गर्भवती महिला को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए। तरल पदार्थ का सेवन करने से हजम करने में आसानी होती है। इस कारण गर्भवती महिला को कम से कम दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए।
  • एक साथ बहुत ज्यादा भोजन का सेवन करने से बेहतर खाना दिन में तीन से चार पांच थोड़ा-थोड़ा करके खाने से खाना पचाने में आसानी होती है एवं कब्ज की भी रोकथाम होती है।
  • रोजाना एक निश्चित समय पर व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम करने से शरीर के अंदरूनी भाग अच्छे से काम करते हैं एवं पाचन तंत्र को भी ठीक रखते है।
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क्या है कब्ज की रोकथाम करने के घरेलू उपचार?(What are the home remedies to prevent constipation?)

  • एक गिलास गर्म पानी में आधा नींबू मिलाकर उसमें स्वादानुसार शहद मिलाकर रोजाना दिन में दो-तीन बार सेवन करने से कब्ज की रोकथाम की जा सकती है।
  • कब्ज होने का सबसे बड़ा कारण होता है शरीर में पानी की कमी होना इसी कारण पानी का ज्यादा से ज्यादा से करना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा पानी पीने से कब्ज की रोकथाम होती है एवं खाना पचाने में भी आसानी हो जाती है और साथ ही साथ मल त्याग करने में भी किसी प्रकार की समस्या पैदा नहीं होती।
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  • ज्यादा से ज्यादा विटामिन सी उपयुक्त पदार्थों का सेवन करना चाहिए जैसे कि सिट्रस फल यानी कि संतरे आदि इसमें सबसे ज्यादा विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है एवं विटामिन सी इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में सहायक होता है. इसी के साथ साथ यह फाइबर की कमी को भी पूरा करता है। गर्भावस्था में प्रतिदिन दो से तीन संतरो का सेवन करना चाहिए।
  • अलसी के बीजों का सेवन या फिर अलसी के तेल का सेवन करने से भी कब्ज की बीमारी को दूर किया जा सकता है। इसे अपने भोजन में शामिल करने से फाइबर की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है। अलसी के बीजों से शरीर में तरल पदार्थों की मात्रा बनी रहती है।
  • पेट पर उंगलियों से क्लॉक वाइज मसाज करने से कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है। इसकी शुरुआत बाई और से करनी चाहिए और धीरे-धीरे दाएं और करना चाहिए। 
  • एक्यूप्रेशर से भी कब्ज की बीमारी दूर हो सकती है परंतु यह केवल डॉक्टर से परामर्श करने के बाद ही करवानी चाहिए।
  • गर्भवती महिला को रोजाना एक कटोरी योगर्ट का सेवन करना चाहिए।
  • रोज सुबह और रात के समय सेब के सिरके का सेवन करना अति आवश्यक होता है। इसके लिए एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच सेब के सिरके को मिलाकर एवं स्वादानुसार शहद डालकर उसमें पिया जा सकता है। यह काफी हद तक कब्ज जैसी परेशानियों की समस्या का हल कर देता है।
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गर्भावस्था के दौरान कब्ज का उपचार एवं इलाज?(Treatment and treatment of constipation during pregnancy?)

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  • डॉक्टर की सलाह पर आप स्टूल सॉफ्टनर दवा का इस्तेमाल कर सकते हैं यह किसी भी मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध होती है यह गोली एवं तरल रूप में उपलब्ध होती है।
  • लुब्रिकेंट लैक्सेटिव दवा का इस्तेमाल करने से भी कब्ज होने से रोका जा सकता है यह मल पतला करने में सहायक होती है एवं इससे आंतों की दीवारों पर चिकनाहट होती है इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।
  • आसमाटिक लैक्सेटिव दवा के उपयोग से पर्याप्त मात्रा में आंतों तक पानी को पहुंचाया जा सकता है। जिससे मल पतला हो जाता है एवं पेट साफ होने में आसानी हो जाती है। इसके उपयोग से पेट में ऐठन की समस्या या गैस की समस्या पैदा हो सकती है इसी कारण डॉक्टर के बिना परामर्श के यह दवाई नहीं लेनी चाहिए।

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