Advantages and disadvantages of Bitter gourd

Bitter gourd(करेले)के फायदे और नुकसान

जैसे की हम जानते हैं हरी सब्जियों का सेवन करना हमारी सेहत के लिए बहुत ही अच्छा होता है.हर सब्जी के अपने स्वाद, गुण,फायदे और नुकसान होते हैं.जैसे पालक, ककड़ी ,गोभी, प्याज़ ,टमाटर, करेला आदि.ये सारी सब्जियाँ डॉक्टर्स की सलाह पर हमें खाना पड़ती  है क्यूंकि ये हमारी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती हैं |अब सब्जियों के बीच आकर्षित करने वाला करेला ही ले लीजिये, करेला भले खाने में कड़वा लगता हो , लेकिन करेले से होने वाले फायदे बहुत ही मीठे होते हैं।किसी को अगर शुगर या डाइबिटीज़ होता है तो डॉक्टर्स सलाह देते है आपको करेला(Bitter gourd) जरूर खाना चाहिए |करेला सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी होता है ,ठीक वैसे ही करेले के जूस कई बीमारियों को दूर करने में मदद करता है 

करेले(Bitter gourd) के खाने के बहुत सारे फायदे होते है पर बिना पूरी जानकारी जाने किसी भी सब्जी का सेवन करना हमारे लिए नुकशानदेह भी साबित हो सकता है क्योकि बहुत सारी परिस्तिथियों में करेला का सेवन नहीं करना चाहिए 

तो आइये जानते है किन परिस्तिथियों  में करेले और करेला का जूस सेहत और स्किन के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है ,और किन परिस्तिथियों में इसका सेवन नहीं करना चाहिए 

करेले के 10 गुणकारी फायदे(10 beneficial benefits of bitter gourd

  • करेला सिरदर्द दूर करता है(Bitter gourd relieves headache) -करेले की ताज़ी पत्नियों को तोड़कर कर ,उसको पीस कर माथे पर लगा लेना चाहिए इससे सिरदर्द में आराम मिलता है |
  • करेला अस्थमा में फायदा करता है(Bitter gourd helps in asthma) :-अस्थमा की शिकायत होने पर हमें करेले का सेवन करना चाहिए यह बहुत ही फायदेमंद होता है । अस्थमा में करेले की बगैर मसाले की सब्जी खाने से बहुत लाभ मिलता है ।
  • करेला घाव ठीक करता है(Bitter gourd heals wounds) :-करेले की जड़ को पीस कर घाव पर लगाना चाहिए ,इससे घाव पक जाता है और मवाद निकल जाता है ,और घाव ठीक हो जाता है । अगर आपके पास करेले की जड़ उपलब्ध नहीं है तो आप करेले की पत्तियों को पीस कर उसको गर्म करके पट्टी बंद ले।इससे घाव या आपका जो फोड़ा है वो पक जाएगा और उससे पस भी निकल जाएगा 
  • करेला घुटने के दर्द में फायदेमंद(Bitter gourd is beneficial in knee pain):-करेले को आग में अच्छे से भूनकर ,फिर उसको मसल कर ,रुई में लपेटकर घुटने पर बांध लेना चाहिए इससे घुटने के दर्द में आराम मिलता है 
  • करेला पथरी में लाभदायक(Beneficial in bitter gourd stones): करेले के रस को पथरी की बीमारी में पिने से लाभ मिलता है 
  • करेला मुँह के छालो में आराम दिलाता है(Bitter gourd provides relief in mouth ulcers):-करेले की पत्तियों का रस निकाल कर उसमे थोड़ी सी ,मुल्तानी मिट्टी मिला कर पेस्ट बना ले |और छालो पर लगा ले ,करेला मुँह के छालो के लिए बहुत ही लाभकारी होता है ,अगर आपके पास मुल्तानी मिट्टी नहीं है तो करेले के रस को रुई में लगाकर छालो पर लगा ले और लार बहार निकल दे ।इससे भी मुँह के छाले ठीक हो जाएगे|
  • करेला डयबिटीज में फायदेमंद(Bitter gourd beneficial in diabetes) :-करेला में नैचुरल स्टेरॉयड होता है ,इसमें कैरेटिन नाम का रसायन मिलता है कैरेटिन की वजह से ब्लड में शुगर का लेवल कंट्रोल रहता है ,साथ ही करेले में मिलने वाला ओलिओनिक एसिड ग्लूकोसाइड शुगर को खून में घुलने से बचाता है इससे डायबिटीज कंट्रोल में रहता है।करेला डयबिटीज  रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है ।
  • करेला पाचन क्रिया में फायदेमंद(Bitter gourd beneficial in digestion) :-करेला खाने से पाचन क्रिया में बहुत ही फायदा होता है करेले में फास्फोरस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होता है। इससे आपकी पाचन क्रिया सही रहती है। करेले की तासीर ठंडी होती है, जो गर्मी में होने वाली बहुत सी बीमारियों के लिए फायदेमंद होता है।
  • करेला लिवर को मजबूत करे(Bitter gourd strengthens liver) :-करेला से लिवर मजबूत होता है और लिवर संबंदित बहुत सी समस्या दूर हो जाती है प्रतिदिन करेले का सेवन करने से एक सप्ताह में परिणाम दिखने लगता है ,करेले से पीलिया में भी लाभ मिलता है ।
  • करेला रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए(Increase immunity to bitter gourd):-करेले की पत्तियों को या करेले के फूल को पानी में उबालकर उसका सेवन करना चाहिए ,इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बाद जाती है ,और इससे किसी भी प्रकार का संक्रमण ठीक हो जाता है |

करेले के नुकसान(Loss of Bitter gourd)

  • करेला गर्भावस्था में नुकसानदायक(Bitter gourd is harmful during pregnancy):-करेले में मोमोकैरिन नामक तत्व पाया जाता है जो पीरियड्स में फ्लो को बढ़ा देता है।गर्भावस्था में करेले को अधिक नहीं खाना चाहिए नहीं तो ये गर्भपात का एक कारण बन सकता है कई बार करेला गर्भावस्था के दौरान पीरियड्स की स्थिति भी पैदा कर सकता है।करेले में एंटी लैक्टोलन तत्व भी पाए जाते हैं जो गर्भावस्था में दूध बनने की विधि को कम कर सकते है कोई महिला या पुरुष फर्टिलिटी रिलेटेड मेडिसिन खा रहे हैं,तो वे ज्यादा करेले का सेवन न करे । करेले से इन दवाओं का असर कम हो सकता हैं|
  • लिवर के लिए नुकसानदायक(Harmful to liver) :-करेले का अत्याधिक सेवन लिवर व किडनी के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है ।करेला लिवर में एन्जाइम्स का निर्माण बढ़ा देता है जो की लिवर को प्रभावित करता है ।इससे इंफेक्शन की संभावना भी बढ़ती हैं ।करेले के बीज में लेक्टिन तत्व होता है जो आंतों तक प्रोटीन के संचार को रोक देता है |
  • करेला हाइपोग्लाइकेमिया कोमा की समस्या(Bitter gourd hypoglycaemia coma problem) :करेले को खाने से शुगर कम होता है ,इसका अधिक सेवन करने से शुगर नार्मल से भी कम हो सकती है और यह हाइपोग्लाइकोम‌िया कोमा नामक मानसिक समस्या का कारण बन सकता है।अगर आपको लो शुगर की समस्या है तो करेले का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  • करेला पाइल्स की प्रॉब्लम में(Karela in Piles’ problem):-जिन्हे पाइल्स की समस्या होती है उसे ठण्ड के मौसम में ज्यादा करेले नहीं खाने चाहिए इससे पाइल्स की समस्या बाद सकती है ।
  • करेला पीरियड्स प्रॉब्लम में(Bitter gourd in periods) :-जिन्हे पीरियड्स की समस्या है उन्हें पीरियड्स के दौरान ज्यादा करेले का सेवन नहीं करना चाहिए क्योकि ज्यादा करेले खाने से ब्लडिंग की समस्या बढ़ सकती है ।

कुछ और सब्जियों की जानकारियॉ जो आपकी दैनिक दिनचर्या के लिए बहुत ही फायदेमंद है |

मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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