Alzheimer in hindi

Alzheimer in hindi:अल्जाइमर रोग क्या होता हैं, लक्षण,कारण,बचाव के उपाय

अल्जाइमर क्या हैं (What is Alzheimer in hindi)

आमतौर पर अल्जाइमर(Alzheimer in hindi) एक ऐसी बीमारी हैं जो बड़ी तेजी से फैलती हैं इस बीमारी का मुख्य रूप से प्रभाव याददाश्त पर पड़ता है और ये अन्य मानसिक महत्वपूर्ण कार्यो में बाधा उत्पन्न करती हैं। दरअसल ये एक तरीके से एक अन्य बीमारी डिमेंशिया का सबसे सामान्य कारण होता हैं जिसका प्रभाव हमारी बौद्धिक क्षमता पर पड़ता हैं। एक बात जो काफी भयावह हैं वो ये हैं कि इस वजह से हमारी प्रतिदिन की कार्यविधि में असंतुलन पैदा कर सकता हैं। 

इस बीमारी में शरीर में कुछ कोशिकाएं अपने आप निर्मित भी होती हैं और उनमें से कुछ कोशिकाएं अपने आप नष्ट भी होती रहती हैं। कोशिकाएं के बनने और नष्ट होने का प्रभाव हमारी याददाश्त पर पड़ता हैं और हमारें मानसिक कार्यो में दिक्कत आने लगती हैं।

वैसे तो इस बीमारी का कोई ठोस इलाज नहीं मिला हैं लेकिन फिर भी इससे सम्बंधित उपलब्ध सहायक सेवाओं को अपना कर इसके खतरे को दूर रखा जा सकता हैं। 

अल्जाइमर के चरण (Steps of Alzheimer in hindi)

अगर बात इस बीमारी के चरणों की बात की जाए तो मुख्य रूप से इस बीमारी के तीन चरण होते हैं प्रारंभिक चरण, मध्य चरण और अंतिम चरण। आइये इसके चरणों के बारें में थोड़ा विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं

  • प्रारंभिक चरण- ये इस बीमारी का सबसे शुरुआत चरण हैं, इस चरण में जो व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित होता हैं तो उसके परिवार के सदस्य, उसके मित्र और अन्य नज़दीकी लोगों को ये बीमारी हो सकती हैं। रोगी की सघन जांच के दौरान चिकित्सक यह जानने की कोशिश करते हैं कि रोगी में याददाश्त और एकाग्रता की क्या समस्या हैं। 

वैसे तो इस चरण में रोगी नियमित जीवन जी रहा होता हैं पर धीरे-धीरे उसे महसूस होने लगता हैं कि उसकी याद्दाश्त में कमी आ रहीं हैं और वो शायद कुछ चीजों को भूलने लग जाता हैं उदाहरण के तौर पर वो लोगों का सही नाम भूलने लगते हैं, किसी नए व्यक्ति से मुलाकत के बाद उन्हें पहचानने में परेशानी, कुछ पड़ने के बाद भूल जाना इत्यादि।

  • मध्य चरण- अगर सरल शब्दों में कहा जाए तो ये इस बीमारी का सबसे लंबा चरण होता हैं और ये कई सालों तक रह सकता हैं, इस चरण में एक और ध्यान देने वाली बात ये हैं कि इस चरण से गुजर रहे रोगी को अधिक देखभाल और ध्यान की जरूरत होती हैं। इन सबके अलावा पीड़ित रोगी कई बार शब्दों में उलझ जाता हैं और इसके अलावा कई बार वो अजीब तरह का व्यवहार भी करने लगते हैं। इनमें से कुछ सामान्य परेशानियां इस प्रकार हैं 
  • खुद का पता, फोन नंबर, स्कूल के बारें में भूल जाना
  • किसी तरह की घटनाओं के बारे में याद ना रख पाना
  • रात को बेचैन रहना और दिन में सोना
  • व्यवहार या व्यक्तित्व में बदलाव आना
  • किसी खास अवसर या मौसम के अनुरूप कपड़ों का चुनाव करने में दिक्कत
  • पिछले दिनों के बारे में याद रखने में समस्या
  • अंतिम चरण- ये इस बीमारी का आखिरी चरण हैं और काफी ज्यादा खराब स्थिति करने वाला रोग हैं, आसान शब्दों में ये कहा जाए तो इस चरण में रोगी सभी तरह की गतिविधियों पर अपना नियंत्रण खो देते हैं। इसमें व्यक्ति अगर उसे किसी तरह का दर्द हो तो वो ये भी किसी को बताने में अक्षम हो जाता हैं, इसके अलावा व्यक्ति को दैनिक जीवन मे किये जाने वाले कार्यो को करने के लिए भी किसी ना किसी की मदद की आवश्यकता होती हैं। जैसेकि
  • चलने, बैठने और निगलने में परेशानी होना
  • वार्तालाप करने में दिक्कत होना
  • अपने आसपास की चीजों के बारें में भूल जाना
  • प्रतिदिन के कार्यो में किसी ना किसी की सहायता की जरूरत
  • निमोनिया का गंभीर रूप

अल्जाइमर के लक्षण (Symptoms of Alzheimer in hindi)

इस बीमारी के लक्षणों को हम तीन चरणों मे बांट सकते हैं चलिये अब हम आपको इसके लक्षणों के बारें में जानते हैं

प्रारंभिक लक्षण- इस बीमारी के शुरुआती लक्षण इतने कम दिखाई देते हैं कि कई बार ये समझ नहीं आते, इस तरह के मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं

  • साधारण कार्यों को करने में दिक्कतें आना
  • किसी से भी बातचीत करने में परेशानी
  • चीजें रख कर कही भूल जाना और फिर उसे ढूंढ़ने में असमर्थता
  • गलत अनुमान लगाना और गलत निर्णय लेना
  • आसान समस्या सुलझाने में भी असफल होना
  • सामाजिक जीवन में अलग-थलग रहना

मध्यम लक्षण- ये बीमारी व्यक्ति के मस्तिष्क में फैलती हैं, इसका प्रभाव आपके परिवारजन और मित्र आप पर महसूस कर सकतें हैं इसके मुख्य लक्षण निम्न हैं

  • भाषा की समझ में परेशानी, पढ़ने और लिखने में समस्या आना
  • दोस्तों को, परिवार के सदस्य को पहचानने में दिक्कत
  • कुछ नया सीखने में असफल होना
  • बिना वजह गुस्सा आना
  • विचार को व्यक्त करने में और कुछ सोचने में कठिनाई
  • चिड़चिड़ापन, संदेह की स्थिति में रहना, वहम में रहना
  • गुस्से पर नियंत्रण ना रख पाना
  • बेचैनी रहना, बिना किसी बात के चिंता करना, रोना इत्यादि

अंतिम और गंभीर लक्षण- इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं

  • दौरे की शिकायत
  • त्वचा का संक्रमण
  • मूत्राशय और आंत्र नियंत्रण की कमी
  • एकाएक वजन घटना
  • भोजन निगलने में परेशानी
  • घुरघुराना

अल्जाइमर होने के कारण (Causes of Alzheimer)

चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी के अधिकतर मामलों में ये देखा गया हैं कि ये बीमारी जीवनशैली में बदलाव और पर्यावरण के संयोजन से उत्पन्न होता हैं। कहा जाता हैं कि इस बीमारी का असर मस्तिष्क पर पड़ता हैं लेकिन इस बीमारी के ठोस कारण का अभी तक नही पता चला हैं आइये इसके कुछ कारण जानने की कोशिश करते हैं

  • अधिक आयु- ये बीमारी ज्यादातर 85 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों में होती हैं
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि- अगर परिवार में पहले से किसी को ये बीमारी हैं तो परिवार के किसी अन्य सदस्य को ये बीमारी हो सकती हैं।
  • पहले से सिर में चोट- अगर किसी के सिर में पहले से कोई चोट लगी हो तो उसे ये बीमारी होने का खतरा रहता हैं।
  • नींद की बीमारी- अगर किसी को कोई नींद से जुड़ा विकार हैं तो ये बीमारी होने का खतरा रहता हैं।

अल्जाइमर से बचाव (Prevention of Alzheimer in hindi)

जैसा कि अभी तक इस बीमारी के होने का कोई ठोस कारण नहीं मिला हैं उसी प्रकार इससे बचने का कोई स्पष्ट तरीका नही मिला हैं। हालांकि इसके बारे में अभी खोज की जा रही हैं फिर भी अगर हृदय रोग से जुड़े खतरे को कम किया जाए तो अल्जाइमर के खतरे को कम किया जा सकता हैं।

इसके अलावा इस रोग को रोकने के लिए मुख्य कारक निम्नलिखित हैं

कुछ और महत्वपूर्ण बीमारियों की जानकारियाँ

मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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