9th month pregnancy in hindi

9th month pregnancy in hindi :गर्भावस्था का नौवा महीना हिंदी में

एक औरत जब गर्भ धारण करती है तो उसके पहले दिन से लेकर आखरी दिन तक एक सुहावना सपना संजोती है जिसमें एक प्यारे से, छोटे से, नन्हे से शिशु के बारे में बहुत खूबसूरत ख्याल और कुछ कल्पनाएं होती है। ऐसे में 9 महीने(9th month pregnancy in hindi) का यह खूबसूरत इंतजार एक गर्भवती महिला के लिए अपने जीवन के सबसे खूबसूरत पल होने के साथ-साथ खुशनसीब घड़िया भी होती हैं जिन्हें वह बहुत ही खूबसूरती और अच्छे स्वास्थ्य के साथ जीने का हक रखती है। अब हम आपको बताएंगे कि किस प्रकार से एक गर्भवती महिला को अपने आखिरी अर्थात नौवें महीने के दौरान खानपान और स्वास्थ्य से जुड़ी सावधानियां बरतनी होती हैं। 

आखिरी महीने में देखे जाने वाले लक्षण(Symptoms seen in the 9th month pregnancy in hindi )

गर्भावस्था का आख़िरी समय एक ऐसा समय होता है जब महिला को कई सारी समस्याओं से भी जूझना पड़ता है तो एक मीठी खुशी भी दिल में होती है। इस दौरान दिखने वाले कुछ महत्वपूर्ण लक्षणों में से निम्नलिखित है:- 

  • एक गर्भवती महिला के लिए यह एक ऐसा समय होता है जिसमें उसे उठने बैठने और यहां तक कि लेटने की कोशिश करने में भी बहुत असहजता महसूस होती है। 
  • यह समय ऐसा होता है जब लगातार जवानी शराब चलता रहता है जिसमें गुलाबी अब भूरे रंग का पदार्थ निकलता रहता है जिसकी वजह से गीलापन महसूस होता है। समय के अनुसार यह कभी ज्यादा तो कभी कम मात्रा में बना रहता है। 
  • महिला के स्तनों में भी बदलाव आता है उनका आकार बड़ा हो जाता है और उनसे रिसाव होना भी आरंभ हो जाता है। महिला के स्तनों में से कुछ पीला गाढ़ा पदार्थ निकलता है जिसे कोलोस्ट्रम कहते हैं। कभी-कभी स्तनों में भारी दर्द का भी अहसास होता है। 
  • कुछ महिलाओं को आखरी समय के दौरान कुछ अजीब अजीब से सपने भी दिखाई देने लगते हैं जिसकी वजह से उनके शरीर और दिमाग पर काफी असर पड़ता है।
  • एक साधारण महिला की अपेक्षा एक गर्भवती का वजन 11 किलो से लेकर 16 किलो के बीच बढ़ जाता है।
  • कभी-कभी कुछ औरतों में गर्भ के दौरान बहुत ज्यादा एनर्जी आ जाती है जिसकी वजह से वे बहुत शीघ्रता से काम करती हैं। 
  • कुछ महिलाओं में एनर्जी लेवल बहुत ज्यादा कम हो जाता है जिसकी वजह से वे बहुत ज्यादा सुस्त हो जाती हैं और काम करने से कतराती भी हैं। 

गर्भावस्था के अंतिम माह में होने वाले शारीरिक बदलाव(physical changes in the 9th month pregnancy in hindi)

  • गर्भावस्था के अंतिम माह में महिला के शरीर में बहुत से बदलाव आते हैं जैसे नितंब तंत्रिका पर दबाव पड़ने की वजह से गर्भवती महिला के बीच में दर्द बना रहता है। 
  •  इस महीने में श्रोणि भाग खुल लगता है और शिशु मां के गर्भ से नीचे की ओर आने लगता है।
  • इस अवस्था में झुककर काम करना बिल्कुल मुमकिन नहीं हो पाता है।
  • गर्भवती महिला के चेहरे और त्वचा पर अनचाहे बाल नजर आने लगते है।

आख़िरी महीने में बच्चे का विकास और आकार(the growth and size of the baby in the last month)

  • आखिरी महीने में बच्चा अपना पूरा आकार ले लेता है और लगभग 19 इंच तक लंबा हो जाता है जिस का वजन ढ़ाई किलो से अधिक होने लगता है। 
  • आरम्भ से ही शिशु पूरी तरह से बालों की परत और लेनुगो की परत से ढका रहता है लेकिन आखिरी महीने में वह पर धीरे-धीरे हटने लगती है। 
  • आखिरी महीने में बच्चा पूरी तरह से विकसित हो जाता है और उसके हाथ-पैर वह नाखून भी पूरी तरह से बन जाते हैं।
  • इस माह में गर्भ में शिशु की त्वचा पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाती है जो दिखने में बिल्कुल गुलाबी और चिकनी ही लगती है। 

गर्भावस्था के आखिरी महीने में इस डाइट का करे पालन(follow this diet in the last month of pregnancy)

 वैसे तो गर्भ अवस्था के आखरी महीने में गर्भवती महिला को सब कुछ खाना चाहिए, किसी भी वस्तु से परहेज नहीं करना चाहिए। परंतु कुछ चीजें ऐसी होती है जिन्हें खाने से वे अपने प्रसव के दौरान एनर्जी और शक्ति प्राप्त करती है। जिसकी प्रसव के दौरान बहुत ज्यादा आवश्यक भी होती है ऐसे में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं जिन्हें खाने से और पीने से ही गर्भवती महिला में शक्ति का संचार होता है और बना रहता है।Diet chart pregnancy in hindi:गर्भावस्था आहार चार्ट सम्पूर्ण जानकारी

  • फाइबर युक्त भोजन:- अंतिम माह के दौरान गर्भवती महिला को फाइबर युक्त भोजन ही करना चाहिए जिसमें हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालें आदि सम्मिलित की जाती है इन सभी खाद्य पदार्थों में प्रचुर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है। 
  • आयरन युक्त भोजन:- गर्भावस्था के दौरान एक गर्भवती महिला को आयरन की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है। जिसे प्राप्त करने के लिए गर्भवती महिला को पालक, सेब, ब्रोकली और खजूर जैसी चीजें खानी अति आवश्यक हो जाती हैं यदि आप मांसाहारी हैं तो आप अपने भोजन में चिकन और मीट भी सम्मिलित कर सकती हैं। 
  • कैल्शियम युक्त भोजन:- बाकी आवश्यक वस्तुओं के साथ-साथ एक गर्भवती महिला को कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में चाहिए होता है।  कैल्शियम की पूर्ति के लिए एक गर्भवती महिला को डेरी उत्पाद व दही आदि का सेवन करना चाहिए। 
  • विटामिन सी युक्त भोजन:- विटामिन सी हमारे शरीर में आयरन को अवशोषित करने का काम करता है इसलिए अपने भोजन में विटामिन सी को सम्मिलित करना बहुत आवश्यक होता है इसके लिए गर्भवती महिला नींबू, संतरा, स्ट्रॉबेरी और टमाटर जैसी चीजों का सेवन कर सकती है।
  • फोलेट युक्त चीज़े:– फोलेट एक ऐसा पदार्थ है जिसकी कमी की वजह से शिशु में रीड की हड्डी या मस्तिष्क से संबंधित विकार होने का खतरा रहता है। ऐसे में यदि गर्भवती महिला हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ और बींस का सेवन करती है तो गर्भवती महिला के शरीर में भरपूर मात्रा में फोलेट उपलब्ध हो जाता है। 

आख़िरी समय में ध्यान रखने वाली बातें(last minute care in 9th month pregnancy in hindi )

यह समय ऐसा होता है कि आखरी समय के लिए यदि पहले से तैयारी ना कि जाए तो कुछ भी दुर्घटना हो सकती है ऐसे में निंलिखित बातों का अवश्य ध्यान रखें। 

  • सबसे पहले तो आपको बिल्कुल भी घबराहट को अपने पास नहीं आने देना होगा इसके लिए आप अपने आप को रिलेक्स रखें।
  • अपने आपको तनाव मुक्त रखने के लिए आप स्विमिंग पूल में जाकर कुछ देर रिलेक्स कर सकती हैं। इससे आप प्रसव के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाता है और तनाव से आप को राहत मिलती है। 
  • ऐसे समय में गुनगुने पानी से नहाने पर बहुत ज्यादा राहत मिलती है और शरीर ऐसे समय में गुनगुने पानी से नहाने पर बहुत ज्यादा राहत मिलती है और शरीर आराम अवस्था को महसूस करने लगता है। 
  •  अपने दोस्त रिश्तेदारों के साथ अपना अच्छा समय बिताए और दिलचस्प बातें करके अपना समय व्यतीत करने की कोशिश करें। 
  • प्रसव के लिए अस्पताल जाने की घड़ी कभी भी आ सकती है, इसलिए अपने सारे कागजात अपनी सारी रिपोर्ट और आवश्यक सामान का पहले से ही एक बैग तैयार कर ले ताकि आवश्यकता होने पर आप उस बात को उठाए और सीधे हॉस्पिटल चले जाएं। 
  • अपने आने वाले नन्हे मेहमान का नाम भी आप सोच सकते हैं उसके लिए शॉपिंग करने जाएं और कुछ दिलचस्प कुछ दिलचस्प फिल्म देख कर अपना समय व्यतीत करें। 

जो महिलाएं पहली बार गर्भधारण कर रही होती हैं उन्हें समझ में नहीं आता है कि प्रसव पीड़ा कब और कैसे शुरू हो जाए ऐसे में चिंता करने की कोई भी बात नहीं है। आख़िरी समय में यही कोशिश रखें कि आप अपने परिवार के किसी बड़े सदस्य के आसपास रहे ताकि मुश्किल घड़ी में वह आपको समझा सके और आपका साथ दे सके। आखिरी समय में पानी की थैली फटने का खतरा रहता है लेकिन अक्सर यह प्रत्येक महिला में नहीं रहता है इसलिए अधिक चिंता करने की कोई बात नहीं है बस अपना पूरा ध्यान रखें और आखरी समय के दौरान कभी भी अकेले ना रहे। समय-समय पर डॉक्टरी सलाह और जांच-पड़ताल कराते रहें ताकि अंतिम समय में किसी भी समस्या का सामना आपको ना करना पड़े। अपने आखिरी समय के सुहावने पलों का आनंद उठाते हुए आने वाले नन्हे मेहमान के स्वागत की तैयारी करते रहे। 

मेरा नाम रूचि सिंह चौहान है ‌‌‌मुझे लिखना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है । मैं लिखने के लिए बहुत पागल हूं ।और लिखती ही रहती हूं । क्योकि मुझे लिखने के अलावा कुछ भी अच्छा नहीं लगता है में बिना किसी बोरियत को महसूस करे लिखते रहती हूँ । मैं 10+ साल से लिखने की फिल्ड मे हूं ।‌‌‌आप मुझसे निम्न ई-मेल पर संपर्क कर सकते हैं। vedupchar01@gmail.com
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